कुलदीप यादव  © AFP (File Photo)
कुलदीप यादव © AFP (File Photo)

टीम इंडिया के चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव मौजूदा वक्त में बेहतरीन गेंदबाजी कर रहे हैं। श्रीलंका के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे में भी उन्होंने अपनी फिरकी का दम दिखाया। दूसरे वनडे से पहले कुलदीप यादव ने अपने पसंदीदा शिकार डेविड वॉर्नर के खिलाफ बड़ा माइंड गेम खेला। कुलदीप यादव ने बयान दिया कि डेविड वॉर्नर उनके सामने आते ही दबाव में आ जाते हैं।

कुलदीप ने कहा, “अगर आप बैट्समेन पर दबाव बनाए हुए हैं, तो आपको दबाव महसूस नहीं होता। मुझे लगता है कि वॉर्नर जब मेरे खिलाफ खेलते हैं तो वह दबाव में रहते हैं। उन्हें महसूस होता है कि मैं उन्हें कभी भी आउट कर सकता हूं। जब मैं वॉर्नर को गेंदबाजी करता हूं तो अच्छा महसूस करता हूं। जब मैं उन्हें गेंदबाजी करता हूं तो एक प्लान बनाता हूं। उम्मीद करता हूं कि अगले चार वनडे मैचों में उन्हें मैं और ज्यादा बार आउट कर पाउंगा।” आपको बता दें अपने करियर में कुलदीप यादव ने डेविड वॉर्नर को 5 में से 4 पारियों में आउट किया है। वॉर्नर को कुलदीप की गेंद पढ़ने में दिक्कत होती है जिसे सभी ने चेन्नई वनडे में भी देखा।  ईडन गार्डन्स है ऑस्ट्रेलिया के लिए लकी मैदान, मैच से पहले जानिए 3 बड़ी बातें

स्टीवन स्मिथ को गेंदबाजी करना है कठिन: कुलदीप यादव से जब पूछा गया कि मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई टीम में किस बल्लेबाज को गेंदबाजी करना सबसे कठिन है तो इसके जवाब में उन्होंने स्टीवन स्मिथ का नाम लिया। उन्होंने कहा,”टेस्ट में मैंने उन्हें गेंद को अच्छी तरह से पढ़ते हुए देखा है। उन्हें पता है कि कैसे सिंगल निकालना है। मुझे लगता है कि उन्हें गेंदबाजी करना कठिन है। साधारणतौर पर वह लेग स्टंप पर खेलना पसंद करते हैं। जब भी वह चाहते हैं, वह चौका मारते हैं और मनमुताबिक सिंगल लेते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि उन्हें गेंदबाजी करना कठिन है।”

उन्होंने टॉप ऑर्डर को जल्दी आउट करने को लेकर बात कही। कुलदीप ने कहा, “किसी भी टीम में अगर आप टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों को आउट कर देते हो तो यह मददगार होता है। जितनी जल्दी हो सके हम वॉर्नर को आउट करना चाहते हैं क्योंकि वह किसी भी समय गेम को बदलने का माद्दा रखते हैं। स्मिथ भी एक क्वालिटी खिलाड़ी हैं और जब वह आते हैं अच्छे स्ट्रोक लगाते हैं और मैच को अपने साथ ले जाते हैं।”

टीम में दो रिस्ट स्पिनरों के प्रभाव के बारे में बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, “जब भी मैं खेला हूं, मैं लेफ्ट आर्म स्पिनर के साथ खेला हूं। रणजी ट्रॉफी में मैं पीयूष चावला भाई के साथ खेला था लेकिन लंबे समय तक नहीं। अब जैसा कि टीम में दो रिस्ट स्पिनर हैं तो यह एक अच्छा अनुभव है। विकेट लेने के मौके बढ़ जाते हैं। अगर आपके पास दो आक्रामक स्पिनर हैं तो विकेट ज्यादा आते हैं। लेफ्ट आर्म स्पिनर के पास बहुत कम विविधताएं होती हैं इसलिए बल्लेबाज ज्यादा मौके नहीं लेता। लेकिन मुझे लगता है कि रिस्ट स्पिनर बल्लेबाज को छका सकता है।”