I was clear at any price MS Dhoni: N Srinivasan reveals how CSK bagged Dhoni in IPL 2008 auction
महेंद्र सिंह धोनी (IANS)

अपने 13वें सीजन में पहुंच चुकी भारत की महात्वाकांक्षी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) की शुरुआत 2008 में हुई थी। पहले सीजन की नीलामी के दौरान हर फ्रेंचाइजी की नजर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar), युवराज सिंह (Yuvraj Singh), वीरेंदर सहवाग (Virender Sehwag) जैसे आइकन खिलाड़ियों पर थी।

दरअसल हर टीम एक लोकल आइकन खिलाड़ी खरीदकर अपना फैनबेस बनाने का सोच रही थी। इन आइकन खिलाड़ियों में तेंदुलकर, गांगुली, द्रविड़, सहवाग और युवराज थे। इस बीच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने टीम इंडिया के तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni), जो कि आइकन खिलाड़ियों में नहीं थे, को खरीद आईपीएल की सबसे सफल डील पक्की की।

कैप्टन कूल धोनी साल 2008 से 2019 तक सीएसके को तीन खिताब जिता चुके हैं। अगर 2016-17 के दौरान टीम पर लगे बैन कि अवधि को छोड़ दिया जाय तो धोनी आईपीएल की शुरुआत से अब तक चेन्नई टीम के लिए ही खेलते आए हैं।

19 सितंबर में दुबई में शुरू होने वाले 13वें सीजन से पहले सीएसके के मालिक और पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने बताया कि उनकी फ्रेंचाइजी ने धोनी को अपने स्क्वाड में शामिल करने की योजना कैसे बनाई।

पीटीआई से बातचीत में श्रीनिवासन ने कहा, “ये गणित का सवाल है, उस समय श्री बिंद्रा वहां थे, पंजाब को युवराज चाहिए था, दिल्ली को सहवाग, मुंबई बिना सचिन तेंदुलकर के खेलने के बारे में सोच भी नहीं सकती थी। इसलिए सभी ने कहा कि उन्हें आइकन खिलाड़ी चाहिए। आइकन खिलाड़ी के लिए आपको नीलामी के सबसे महंगे खिलाड़ी से 10 प्रतिशत ज्यादा देना था। इसलिए जब धोनी पर बोली लगी तो मैं धोनी के लिए कोई भी कीमत देने को लेकर स्पष्ट था।”

उन्होंने आगे कहा, “जब (धोनी की) बोली 1.5 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई तो उन्हें समझ आ गया कि उन्हें सचिन को 1.65 मिलियन डॉलर देने होंगे और धोनी को 1.5 डॉलर मिलियन। पर्स पांच मिलियन था और ऐसे में पर्स का साठ प्रतिशत इन दोनों खिलाड़ियों को जाता। इसलिए वो रुक गए और इसी कारण हमें धोनी मिल गया क्योंकि मैंने कहा था कि मुझे आइकन नहीं चाहिए।”