I was ready for my debut even in England says Prithvi Shaw
Prithvi Shaw scored 134 on Day One of the first Test between India and West Indies at Rajkot on Thursday. @IANS

अपने पहले टेस्ट में शतक जड़ने वाले पृथ्वी शॉ ने कहा वह इंग्लैंड में कड़ी परिस्थितियों में भी बेहतर आक्रमण के सामने अपना पहला मैच खेलने के लिए तैयार थे। पृथ्वी को इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम दो टेस्ट मैचों के लिए टीम में शामिल किया गया था लेकिन उन्हें डेब्यू का मौका नहीं मिला। भारत ने यह सीरीज 1-4 से गंवाई।

शॉ ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मैच में 134 रन बनाकर स्वर्णिम शुरुआत की। वह अभी 18 साल 329 दिन के हैं और अपने डेब्यू टेस्ट मैच में शतक जड़ने वाले सबसे युवा भारतीय हैं। उन्होंने पहले दिन का खेल के बाद कहा, ‘‘यह कप्तान और कोच का फैसला था। मैं इंग्लैंड में भी तैयार था लेकिन आखिर में मुझे यहां मौका मिला।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इंग्लैंड में अनुभव शानदार रहा। टीम में मैं सहज महसूस कर रहा था। विराट भाई ने कहा कि टीम में कोई सीनियर या जूनियर नहीं होता है। पांच साल से भी अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम में साथ में रहना बहुत अच्छा अहसास है। अब सभी दोस्त हैं।’’

वह मैच से पहले थोड़ा नर्वस थे लेकिन इंग्लैंड में सीनियर साथियों के साथ समय बिताने से उन्हें अपने पदार्पण मैच को एक अन्य मैच की तरह लेने में मदद मिली।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं शुरू में थोड़ा नर्वस था लेकिन कुछ शॉट अच्छी टाइमिंग से खेलने के बाद मैं सहज हो गया। इसके बाद मैंने किसी तरह का दबाव महसूस नहीं किया जैसा कि मैं पारी के शुरू में महसूस कर रहा था। मुझे गेंदबाजों पर दबदबा बनाना पसंद है और यही मैं कोशिश कर रहा था। मैंने ढीली गेंदों का इंतजार किया।’’

शॉ ने जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं जब भी क्रीज पर उतरता हूं तो गेंद के हिसाब से उसे खेलने की कोशिश करता हूं और इस मैच में भी मैं इसी मानसिकता के साथ खेलने के लिये उतरा। मैंने यह सोचकर कि यह मेरा पहला टेस्ट मैच है कुछ भी नया करने की कोशिश नहीं की। मैंने उसी तरह का खेल खेला जैसे मैं भारत ए और घरेलू क्रिकेट में खेलता रहा हूं।’’