यॉर्कशायर के खिलाड़ी ने कहा- एशियाई होने की वजह से नस्लवाद झेलना पड़ा

यॉर्कशायर क्रिकेट क्लब के लिए खेलने वाले असीम रफील ने काउंटी क्रिकेट में फैसे नस्लवाद पर बात की।

Edited By : Cricket Country Staff |Nov 14, 2020, 10:25 AM IST

Published On Nov 14, 2020, 10:25 AM IST

Last UpdatedNov 14, 2020, 10:25 AM IST

अजीफ रफीक (Twitter)

यॉर्कशर के पूर्व ऑफ स्पिनर अजीम रफीक ने काउंटी क्रिकेट खेलने के दौरान नस्लवादी छींटाकशी के आरोप मामले की जांच के दौरान भी दोहराए। कानूनी फर्म स्क्वायर पेटन बॉग्स रफीक के आरोपों की जांच कर रही है ।

पाकिस्तानी मूल के रफीक ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो को बताया कि कि एशियाई होने के कारण उन्हें किस तरह के ताने सुनने पड़ते थे। उन्होंने कहा था कि उन्हें ‘पाकि’ या ‘ हाथी धोने वाला’ कहा जाता था और उन्हें ये भी सुनना पड़ता था कि जहां से आए हो, वहीं लौट जाओ।

Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source

यार्कशर काउंटी ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा, ‘‘हमने अजीम रफीक के आरोपों को गंभीरता से लिया है और मामले की जांच सितंबर में स्वतंत्र कानूनी फार्म ने शुरू कर दी है।’’

रफीक ने अपने बयान में कहा, “मैंने अपने साथ हुए नल्सवाद को लेकर खुलकर बात की क्योंकि मैं नहीं चाहता की बच्चे उस हालात से गुजरें जिन्हें मैंने झेला। मैं चाहता हूं भविष्य में बच्चे सम्मान और स्वीकृति से सजी संस्कृति में अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत करे, जहां उन्हें उनकी प्रतिभा के आधार पर आंका जाए ना कि उनकी पहचान और संस्कृति के आधार पर।”

वेस्टइंडीज के खिलाफ पहला टी20 नहीं खेल सकेंगे ट्रेंट बोल्ट

रफीक ने ये भी कहा कि शराब ना पीने के लिए भी उनका मजाक उड़ाया गया और उन्हें सोशल इवेंट्स से बाहर रखा गया। उन्होंने कहा, “सोशल इवेंट का हिस्सा ना होना ड्रेसिं रूम में मेरे साथ हो रहे व्यवहार को दर्शाता है।”

रफीक ने कहा, “चूंकि मैं एशियाई हूं इसलिए मुझे अलग-थलग किया गया। ऐसा लगा जैसे मुझे मेरे नस्ल की वजह से श्वेत खिलाड़ियों के साथ उठने-बैठने के लिए सजा दी जा रही है, ये याद दिलाने के लिए कि ये मेरी जगह नहीं है और मैं उन खिलाड़ियों के साथ नहीं रह सकता।”

Editor's Pick