Bharat Malhotra
Bharat Malhotra अभी cricketcountry.com की हिंदी टीम का हिस्सा हैं. भारत के पास डिजिटल मीडिया में करीब 17 साल का अनुभव है. साल 2008 में आ ...Read More
Written by Bharat Malhotra
Last Updated on - January 2, 2026 1:59 PM IST

सिडनी: क्या उस्मान ख्वाजा के साथ भेदभाव हुआ. क्या धर्म और जाति के आधार पर उनके साथ अलग तरह से बर्ताव किया गया. अपने आखिरी टेस्ट मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया के इस ओपनर ने ऐसे दावे किए हैं. सिडनी में खेले जाने वाले एशेज सीरीज के आखिरी मैच के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर चुके ख्वाजा ने अपने विदाई भाषण में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में नस्लीय सोच पर टिप्पणी की है. उस्मान ख्वाजा ने दावा किया कि उनकी जाति और धर्म की वजह से उनके साथ करियर के दौरान अलग तरह का बर्ताव किया गया है.
ख्वाजा ने पर्थ टेस्ट से पहले तीन दिन गोल्फ खेलने के लिए हुई आलोचना के बारे में कहा, ‘पीठ में ऐंठन की वजह से वह दोनों पारियों में ओपनिंग नहीं कर पाए थे. यह कुछ ऐसा था जिसे मैं नियंत्रित नहीं कर सकता था, जिस तरह से मीडिया और पुराने खिलाड़ी बाहर आए और मुझ पर हमला किया. मैं दो दिन तक इसे झेल सकता था, लेकिन मैंने उसे लगभग पांच दिन तक लगातार झेला.’
उन्होंने कहा, ‘ये वही नस्लीय सोच हैं जिसके साथ मैं अपनी पूरी जिंदगी बड़ा हुआ हूं. जाहिर है, हम उनसे पूरी तरह आगे नहीं बढ़ पाए हैं, क्योंकि मैंने पहले कभी ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट टीम में किसी के साथ ऐसा बर्ताव होते नहीं देखा. उन बेकाबू लोगों के लिए नहीं जिस तरह से तुम लोगों ने मुझ पर हमला किया.’
ख्वाजा के करियर की बात करें तो उन्होंने 87 टेस्ट मैचों में 6206 रन बनाए. उनका बल्लेबाजी औसत 43.39 का रहा. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 16 शतक और 28 अर्धशतक लगाए. वहीं उन्होंने 40 वनडे इंटरनेशनल मैचों में ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने 42 के औसत से 1554 रन बनाए. वनडे में उन्होंने 2 सेंचुरी और 12 हाफ सेंचुरी लगाईं. ख्वाजा ने 9 टी20 इंटरनेशनल मैच भी खेले. इन मैचों में उन्होंने 241 रन बनाए. उनका स्ट्राइक-रेट 132.41 का रहा है.
उन्होंने कहा, ‘मुझे गर्व है कि मैं पाकिस्तान का एक ब्राउन लड़का है जिसे कहा गया था कि तुम कभी ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के लिए नहीं खेल पाओगे. मुझे अब देखो. आप भी ऐसा कर सकते हैं.’
ख्वाजा ने अपने करियर के ज्यादातर वक्त में मिडल-ऑर्डर के टॉप में बल्लेबाजी की. लेकिन 2021-22 की एशेज सीरीज में उनके स्थान पर मार्नस लाबुशेन को शामिल किया गया. हालांकि जब ट्रेविस हेड को कोविड-19 हुआ तो उन्हें आखिरी वक्त पर टीम में दोबारा एंट्री मिली.
ख्वाजा ने कहा, ‘अभी भी थोड़ा बहुत है, जिससे मुझे हर दिन लड़ना पड़ता है, जो मेरे लिए सबसे निराशाजनक बात है. मैं आपको ऐसे अनगिनत लोगों के बारे में बता सकता हूं जिन्होंने (टेस्ट से) एक दिन पहले गोल्फ खेला हो और चोटिल हो गए हों, लेकिन उनके बारे में कुछ नहीं कहा गया. मैं आपको और भी ऐसे लोग बता सकता हूं जिन्होंने पिछली रात 15 स्कूनर (बीयर का ग्लास) लिए हों और फिर चोटिल हो गए हों, लेकिन किसी ने एक शब्द भी नहीं कहा.’
उन्होंने कहा, ‘मैं समझता हूं कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम में जगह बनाना मुश्किल है. 11 जगहें हैं. यह आसान नहीं है, और हम लोगों को बस जगहें गिफ्ट नहीं करना चाहते. अभी भी चुनौतियों का सामना करना बाकी है. मैं ‘अगले उस्मान ख्वाजा’ की जिंदगी आसान बनाना चाहता हूं.’
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