I will keep playing until the passion to bat remains: Gautam Gambhir
Gautam Gambhir © Getty Images (File Photo)

लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे सलामी बल्लेबाज बल्लेबाज गौतम गंभीर फिलहाल विजय हजारे ट्रॉफी में धमाल मचा रहे हैं। गंभीर की अगुवाई में दिल्ली टीम ने टूर्नामेंट से सेमीफाइनल में जगह बना ली है। हाल में अपना 37वां जन्मदिन मनाने वाले गंभीर के सामने संन्यास का सवाल बार बार आ रहा है लेकिन इस भारतीय खिलाड़ी का कहना है कि जब तक उनके अंदर जुनून हैं, वो क्रिकेट खेलते रहेंगे।

गंभीर ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “नहीं, जब तक मैं रन बनाता रहूंगा, जिससे मुझे खुशी मिलती रहेगी। आप वो काम करते रहेंगे। मुझे लगता है कि रन बनाना, जीतना और फिर ड्रेसिंग रूम में खुश होकर लौटना, उस माहौल में रहना मुझे खुश करता है। जब तक मेरे अंदर ये जुनून रहेगा, जहां मैं ड्रेसिंग रूम में खुश होकर लौटना चाहता हूं, उस खुशनुमा माहौल का हिस्सा बनना चाहता हूं, मैं खेलना जारी रखूंगा और जब मुझे लगेगा कि मेरे अंदर ये भावनाएं नहीं रहेंगी तब मुझे पता चल जाएगा कि जाने का समय आ गया है।”

विश्व कप 2011 के नायक गंभीर ने आगे कहा, “आप किसी कोई ना कोई जगह भर सकते हो। आपके सफर का सभी अंत नहीं होता है और शायद एक दिन मुझे एहसास होगा कि मैने कुछ हासिल कर लिया है, जाहिर है कि मैं खेलना जारी नहीं रखूंगा। जिंदगी में हमेशा एक खाली जगह रहती है और कुछ हासिल करने की ललक होती है। यही बात किसी इंसान को कड़ी मेहनत करने और आगे बढ़ने पर मजबूर करती है।”

गंभीर ने पिछले आईपीएल के दौरान के दिल्ली डेयरडेविल्स में वापसी के बाद बीच टूर्नामेंट में टीम की कप्तानी छोड़ दी थी। इस बारे में उन्होंने कहा, “ऐसा होगा क्योंकि नए खिलाड़ी आएंगे। चुनौतियां अलग होंगी, खिलाड़ी और फ्रेंचाइजी स्मार्ट होती जाएंगी। पहले से लेकर 11वें सीजन तक आईपीएल कड़ा होता गया है, बेहतर और ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता गया है। यही किसी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। अगर आप उस चुनौती के साथ बढ़ते जाते हैं, तो वहीं आपको आगे लेता जाएगा।”

गंभीर ने आखिर में कहा, “मैं ये नहीं कह रहा कि हासिल करने के लिए कुछ बाकी नहीं रह गया है। जाहिर है कि हासिल करने के लिए बहुत कुछ है और यही मुझे खेलना जारी रखने में मदद करता है।”