ऑस्ट्र्रेलिया को उसके घर में अपनी कमजोर टीम से हराकर दुनिया को हैरान करने वाले टीम इंडिया के कार्यवाहक कप्तान अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) की कप्तानी से हर कोई प्रभावित है.

अब कई क्रिकेट पंडित मान रहे हैं कि रहाणे ने भारत की कमजोर टीम से ऑस्ट्रेलिया की पहले दर्जे की मजबूत टीम को जिस कदर हराया है. उससे नियमित कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) पर दबाव बढ़ गया है. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन (Michael Vaughan) ने ट्वीट कर कहा, मैं बीसीसीआई में होता तो अजिंक्य रहाणे को कप्तानी देना पसंद करता और विराट कोहली को बतौर बल्लेबाज टीम में खिलाना पसंद करता, इससे भारत दुनिया में और भी ज्यादा खतरनाक हो जाएगा और रहाणे बेहद चतुराई भरे एक बेहतर कप्तान हैं.

वॉन के अलावा भारत के पूर्व कप्तान और शीर्ष बल्लेबाज दिलीप वेंगसरकर ने भी रहाणे के शानदार स्वभाव की तारीफ की है. वेंगसरकर ने आईएएनएस से कहा, ‘वह शांत हैं. उन्होंने मेलबर्न में शतक लगाया, जब भारत संकट में था और उस प्रदर्शन ने मनोबल बढ़ाने वाला काम किया. अन्य बल्लेबाजों ने भी बेहतरीन काम किया. ऑस्ट्रेलिया एक शानदार टीम है.’

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उन्होंने कहा, ‘उनकी गेंदबाजी में बदलाव, फील्ड प्लेसमेंट भी प्रभावशाली था. बल्लेबाजों को आउट करने की उनकी योजना थी. टीम में से आधी टीम के गाबा में चयन के लिए अनुपलब्ध रहने के बावजूद उन्होंने अच्छी तरह से नेतृत्व किया.’

टेस्ट टीम में उपकप्तान रहाणे को टीम इंडिया की कमान संभालने का मौका तब मिला, जब नियमित कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) पहले टेस्ट मैच के बाद पैटरनिटी लीव पर भारत लौट आए. भारत यहां सीरीज में 0-1 से पीछे था. इसके बाद रहाणे ने टीम की कमान संभाली तो भारतीय टीम एक के बाद एक अपने स्टार खिलाड़ियों चोट से जूझने लगी.

एक-एक कर उसके कई मुख्य खिलाड़ी इस सीरीज से बाहर होते चले गए और भारत को अपने नेट बॉलरों को प्लेइंग XI में खिलाने तक की नौबत आ गई. लेकिन अजिंक्य रहाणे इससे जरा भी विचलित नहीं हुए और उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को पहले मेलबर्न में हराया और फिर सिडनी टेस्ट ड्रॉ कराने के बाद ऑस्ट्रेलिया का गढ़ माने जाने वाले ब्रिसबेन के गाबा मैदान पर पहुंचे.

भारत ने ऑस्ट्रेलिया को अपनी उस टीम से हराया, जो टीम इस दौरे के लिए पहली या दूसरी पसंद भी नहीं थी. भारत के सभी मुख्य गेंदबाज चौथे टेस्ट से पहले सीरीज से बाहर हो चुके थे. ब्रिसबेन के इस मैदान पर ऑस्ट्रेलिया 1989 से नहीं हारा था लेकिन अजिंक्य रहाणे की चतुराई भरी कप्तानी ने उसका यह रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिया. लेकिन अंत में भारत ने यह सीरीज 2-1 से अपने नाम की.

इनपुट : IANS