Ian Chapell: If Joe Root was captaing Australia he would be getting the boot after so many mistakes but England don’t have guts
जो रूट © Getty Images

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट में मिली करारी हार के बाद इंग्लैंड के कप्तान जो रूट की कप्तान पर सवाल तो उठाए जा रहे हैं लेकिन पूर्व कंगारू कप्तान इयान चैपल ने खुलकर रूट की आलोचना की।

वाइड वर्ल्ड ऑफ स्पोर्ट्स से एक्सक्लूसिव बातचीत में पूर्व क्रिकेटर ने पहले एशेज टेस्ट के चौथे दिन सेट स्टीव स्मिथ के खिलाफ संघर्ष कर रहे मोइन अली को गेंदबाजी कराने के फैसला को गलत बताया। चैपल ने तो यहां तक कह दिया कि अगर रूट ऑस्ट्रेलिया के कप्तान होते तो ऐसी गलती के बाद उन्हें पद से हटा दिया जाता लेकिन इंग्लैंड में ऐसा करने की हिम्मत नहीं है।

चैपल ने कहा, “मैंने उसे कई मौकों पर गलती करते देखा है और एजबेस्टन के चौथे दिन भी उसने गलती की, जब उसने मोइन और ब्रॉड से गेंदबाजी कराई। मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि वो मोइन से शुरुआत कर रहा है। वो शायद ये सोच रहा होगा कि एक विकेट से मोइन का आत्मविश्वास बढ़ेगा लेकिन वो उस चीज के लिए सही समय नहीं था।”

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उन्होंने आगे कहा, “खेल वहीं पर था। अगर इंग्लैंड चौथे दिन की सुबह स्मिथ को आउट कर लेता तो शायद टेस्ट जीत लेता। इसलिए आपको सब कुछ सही करना होता है, मोइन से गेंदबाजी करने का मतलब था कि स्पिन के हाथ में खेल दे देना।”

एजबेस्टन टेस्ट को निशाने पर रखते हुए चैपल ने रूट के पूरे कप्तानी करियर में कई कमियां निकाली। उन्होंने कहा, “रूट के पास खेल की अच्छी समझ नहीं है। हर कोई गलती करता है लेकिन आप कितनी जल्दी उससे सीख लेते हैं, इस बात से पता चलता है कि आप औसत कप्तान हैं या फिर अच्छे कप्तान।”

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उन्होंने आगे कहा, “केवल दो ओवर के बाद आपको दिख जाना चाहिए था कि मोइन को गेंदबाजी नहीं करनी चाहिए। उसने स्मिथ के सिर के ऊपर से कई फुलटॉस गेंद कराई। वो एक गेंद (बीमर) आपको काफी चीजें बताती है लेकिन मोइन ने सात ओवर कराए। ये एक गलत था और फिर उसे तुरंत अटैक से ना हटाना और बड़ी गलती थी। इसमें मैच की कोई समझ नहीं दिखी। स्मिथ को आउट करें और आप जीत जाएंगे। अगर ये कप्तान के लिए पर्याप्त प्रोत्साहन नहीं है तो मुझे नहीं पता कि क्या होगा।”

चैपल ने कड़े शब्दों में कहा, “अगर रूट ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी कर रहे होते और चयनकर्ता उन्हें इस तरह की गलतियां करते देखते तो इस बात की काफी संभावना होती कि सही विकल्प के रहते उन्हें कप्तानी से हटा दिया जाता। लेकिन इंग्लैंड में ऐसा करने की हिम्मत नहीं है।”