कोविड-19 महामारी के कारण इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें एडिशन को अनिश्चितकाल तक के लिए टाल दिया गया है. बावजूद इसके देसी और विदेशी खिलाड़ी इस लीग में खेलने को बेचैन हैं. कई क्रिकेटर्स दर्शकों के बिना भी इसमें खेलने को राजी हैं. उधर पूर्व कप्तान इयान चैपल को लगता है कि शीर्ष ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों को आईपीएल के बजाय देश की घरेलू प्रतियोगिता को तरजीह देनी चाहिए क्योंकि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया उनकी वित्तीय जरूरतों का पूरा ख्याल रखता है.

13 ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के पास है आईपीएल कॉन्ट्रेक्ट 

इस समय करीब 13 ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों के पास आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ लुभावने करार हैं जिसमें मुख्य तेज गेंदबाज पैट कमिंस को कोलकाता नाइटराइडर्स से 15.5 करोड़ रुपये का अनुबंध मिला था जिससे वह लीग में सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बने.

ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि अगर ऑस्ट्रेलिया में टी20 विश्व कप स्थगित हो जाता है तो कोविड-19 महामारी के चलते अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुए आईपीएल का 13वां चरण अक्टूबर-नवंबर में आयोजित किया जा सकता है.

तब आईपीएल और ऑस्ट्रेलिया का घरेलू सीजन एक ही समय पर होंगे

अगर ऐसा होता है तो इससे आईपीएल और ऑस्ट्रेलिया का घरेलू सत्र एक ही समय पर होंगे जिसमें शेफील्ड शील्ड और वनडे कप शामिल हैं. चैपल ने ‘वाइड वर्ल्ड ऑफ स्पोर्ट्स’ से कहा, ‘इन दिनों क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इन शीर्ष खिलाड़ियों की बहुत अच्छी देखभाल करता है इसलिये मुझे लगता है कि इसमें एक मजबूरी होगी.’

उन्होंने कहा, ‘अगर ऑस्ट्रेलिया में कम कमाई करने वाला खिलाड़ी है और उसे आईपीएल से काफी कमाई होने वाली है तो अगर मैं क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया बोर्ड का सदस्य हूं तो मुझे उससे सहानुभूति हो सकती है.’

चैपल ने कहा, ‘लेकिन शीर्ष खिलाड़ियों को अच्छा वेतन दिया जाता है और यह तर्क यहां काम नहीं आयेगा. उनकी बाध्यता ऑस्ट्रेलिया के लिये होनी चाहिए.’

कई ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों ने इस साल आईपीएल होने की स्थिति में इस टी20 लीग में खेलने की इच्छा व्यक्त की थी जिसमें कमिंस और डेविड वॉर्नर शामिल हैं.