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- ICC Champions Trophy 2017: Fakhar Zaman reveals how Virat Kohli and Jasprit Bumrah sledged him
चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में जसप्रीत बुमराह ने फखर जमां को कही थी ये बात, हो गया खुलासा
फखर जमां ने फाइनल मैच में शतक जड़ा था और अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।
Published On Jul 09, 2017, 07:02 PM IST
Last UpdatedJul 09, 2017, 07:02 PM IST

इंग्लैंड में खेली गई चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान ने भारत को हराकर पहली बार चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। इस टूर्नामेंट में हसन अली ने सबसे ज्यादा विकेट लिए और वह पाकिस्तान के लिए इस पूरे टूर्नामेंट में स्टार रहे। वहीं, दूसरी ओर फखर जमां ने जिस तरह से शीर्ष क्रम में बेहतरीन बल्लेबाजी की उससे पाकिस्तान टीम को अतिरिक्त मजबूती मिली। उन्होंने भारत के खिलाफ फाइनल मैच में मैच जिताऊ शतक तो लगाया ही साथ ही ग्रुप स्टेज में श्रीलंका के खिलाफ और मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ अर्धशतक जमाए। इस तरह से जमां ने टूर्नामेंट में पाकिस्तान टीम की टोन सेट कर दी।
फाइनल मैच में भारत के खिलाफ शुरुआत में जमां जसप्रीत बुमराह के खिलाफ खासे असहज नजर आए थे। एक गेंद पर तो धोनी ने उन्हें लपक भी लिया था लेकिन यह गेंद नो बॉल करार दे दी गई और जमां बच गए। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और शतक लगा डाला। हाल ही में फखर ने बताया कि कोहली और बुमराह अजहर अली और उन्हें जल्दी आउट करना चाहते थे।
फर्स्ट पोस्ट के हवाले से फखर ने कहा, “जब मैं- अजहर क्रीज पर थे तो विराट कोहली और उनकी टीम के बीच खूब बातें हो रही थीं। विराट लगातार कह रहे थे, ‘अरे एक विकेट निकल जाएगा तो ये सारे आउट हो जाएंगे। बस एक को निकालो जल्दी।’ बुमराह की गेंद पर मैं कैच आउट हो गया था लेकिन वह नो बॉल निकल गई। इसलिए वह भी खूब बातें कर रहे थे। एक बार उन्होंने मुझसे कहा, ‘थोड़ा सामने भी रन बना ले। कबतक ऐसे खेलेगा।” [ये भी पढ़ें: टी20I की जंग में आज आमने-सामने होंगी भारत और वेस्टइंडीज की टीमें]
हालांकि, पाकिस्तानी ओपनर ने इस बात को साफ कर दिया कि इंडियन क्रिकेट टीम ने अपनी सीमा नहीं लांघी और यह स्लेजिंग सिर्फ क्रिकेट संबंधित थी। फखर ने कहा, “लेकिन ईमानदारी से कहूं, भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी सीमाएं नहीं लांघी। वह पूरी तरह से क्रिकेट से संबंधित सकारात्मक स्लेजिंग थी, जो ठीक है। हर कोई अपनी टीम को जीतते हुए देखना चाहता है और वे वह करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं।”
इसके पहले फखर ने कहा था कि जब उन्होंने शतक लगाया था तो कोहली ने उन्हें बधाई दी थी लेकिन धोनी ने नहीं दी थी। जमां ने इस बात को स्वीकार किया कि उनकी जिंदगी चैंपियंस ट्रॉफी के बाद बहुत बदल गई है क्योंकि लोग उन्हें हीरो मानते हैं और हर कोई उनके साथ सेल्फी लेने के लिए उतावला है। लेकिन इसी बीच पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर यूनिस खान ने जो उन्हें संदेश दिया उसे वह अपनी आगे की जिंदगी में अमल में लाना चाहते हैं।
फखर ने बताया, “मैंने पांच दिन पहले यूनिस भाई से बातचीत की थी। हमने करीब 30 मिनट तक बातचीत की। उन्होंने मुझे बताया कि कैसे मेरे क्रिकेटिंग जिंदगी में आए इस आचानक परिवर्तन को संभालना है। उन्होंने मुझे कहा था कि यह शोहरत एक झलावा है और यह मुझे मुसीबत की ओर ले जाएगा। मुझे अपने पैर हमेशा जमीन पर रखने चाहिए। उन्होंने कहा कि हर कोई यहां तक कि मीडिया मेरे गुणगान गा रही है। लेकिन अगर मैं विफल हुआ तो यही लोग मेरी भविष्य में निंदा करेंगे। इसलिए मुझे उस चीज का भी सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। इसलिए मुझे और बेहतर खेलना होगा और यह साबित करना होगा कि चैंपियंस ट्रॉफी में मेरे द्वारा खेली गई पारी कोई तुक्का नहीं थी। जो भी यूनिस भाई ने मुझसे कहा उनके हर शब्द मेरे कान में अभी भी गूंज रहे हैं।”