टीम इंडिया  © Getty Images
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चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के सेमीफाइनल में बांग्लादेश पर 9 विकेट से जीत हासिल करने के बाद टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने कहा गेम को पलटने वाला निर्णय जिसमें हमने केदार जाधव से गेंदबाजी कराने का फैसला किया वह संयुक्त रूप से मैंने और एमएस धोनी ने लिया था। जाधव ने क्रीज पर अपनी आंखे जमा चुके तमीम इकबाल और मुशिफिकुर रहीम को आउट किया था। इन दोनों ने आपस में 121 रनों की साझेदारी निभाते हुए टीम इंडिया को खतरे का आभास करा दिया था। लेकिन जाधव ने आते ही काम तमाम कर दिया।

कोहली ने कहा कि वह उन्हें रोकना चाहते थे और केदार के द्वारा लिया गया विकेट बोनस रहा। खुशी से ओतप्रोत कोहली ने कहा, “जैसा कि हार्दिक ने अपने शुरुआती तीन ओवरों में कुछ रन दे दिए थे इस लिहाज से विकेट ईमानदारी से कहूं तो बोनस थे। हम हार्दिक को थोड़ा ब्रेक देते हुए केदार से गेंदबाजी इसलिए करवाना चाहते थे क्योंकि क्रीज पर एक बाएं हाथ का बल्लेबाज (तमीम) मौजूद था। हमें पता था कि वह बाएं हाथ के बल्लेबाज के खिलाफ एक ओवर में दो से तीन गेंद खाली निकाल सकते हैं। लेकिन उन्होंने अंततः हमारे लिए पूरा मैच ही बदल दिया।”

लेकिन कोहली ने खुद सारा श्रेय नहीं लिया और कहा, “हां, जब इस तरह के निर्णय कारगर साबित होते हैं तो मैं पूरा श्रेय नहीं लेता। जाहिरतौर पर, मैंने एमएस से पूछा और हम दोनों ने निश्चित किया कि केदार इस समय सबसे बढ़िया विकल्प हैं। और उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की। उन्हें श्रेय जाता है। केदार नेट में ज्यादा गेंदबाजी नहीं करते, लेकिन वह चतुर क्रिकेटर हैं। वह जानते हैं कि बल्लेबाज को कहां परेशानी होने वाली है। अगर आप गेंदबाजी करने के समय बल्लेबाज की तरह से सोचते हैं तो इसका आपको लाभ मिलता है। इसलिए मुझे लगता है कि उन्होंने अपनी योजना को सही अंदाज में लागू किया।”

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टीम की ओर से नई गेंद से गेंदबाजी करने वाले गेंदबाजों जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार के लिए भी कोहली ने अपनी खुशी जताई। उन्होंने कहा, “वे उत्कृष्ट थे। खासतौर पर वे पिछले दो मैचों में शुरुआत में और अंत में जबरदस्त साबित हुए हैं। उनके विकेट लेने की काबिलियत से विपक्षी टीम अवगत है। इसलिए विपक्षी टीम वाले हमेशा से ही इन दोनों गेंदबाजों के खिलाफ पूरी ताकत झोंकना चाहते हैं। इनकी लेंथ श्रीलंका के खिलाफ मैच के बाद बेहतरीन रही है। वे निरंतर रहे हैं, लाइन बल्लेबाज के नजदीक, इससे हमेशा विकेट मिलने के मौके रहते हैं। यहां तक कि ऐसी परिस्थितियों में भी जहां गेंदबाजों के लिए कुछ खास न हो। इस तरह की लाइन में गेंदें फेंककर हम विकेट लेने के मौके बना सकते हैं।”