रोहित शर्मा © Getty Images
रोहित शर्मा © Getty Images

रोहित शर्मा करीब छह महीने के लिए जांघ में चोट के कारण क्रिकेट से दूर रहे। जब उन्होंने वापसी की तो वह रन नहीं बना पा रहे थे और लगातार छोटे स्कोर पर आउट हो रहे थे। यही कारण रहा कि वह आईपीएल 2017 में कुछ खास नहीं कर सके और यह उनके करियर का सबसे खराब सीजन रहा। ऐसे में टीम इंडिया चैंपियंस ट्रॉफी के पहले खासी चिंतित थी। बहरहाल, जैसे ही रोहित ने टूर्नामेंट का पहला मैच पाकिस्तान के खिलाफ खेला वह फॉर्म में लौट आए। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ एक बेहतरीन अर्धशतक जमाया और इस दौरान सिर्फ 9 रनों से शतक लगाने से रह गए। अब उनकी फॉर्म चिंता का कारण नहीं थी और उन्होंने आगे के मैचों में भी अच्छी बल्लेबाजी की। इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में शानदार अर्धशतक जमाया।

रोहित के फॉर्म में लौटने से हर कोई खुश हुआ। लेकिन ओपनर चैंपियंस ट्रॉफी के शुरू होने से पहले ही अपनी तकनीकी पर काम कर रहे थे। जांघ में चोट लगने के कारण पिछले कुछ समय से रोहित अपना सही संतुलन नहीं बना पा रहे थे। यही कारण था कि वह आईपीएल में लगातार छोटे स्कोर पर आउट हुए। जब टीम इंडिया लंदन आई तो रोहित ने कुछ समय बैटिंग कोच संजय बांगड़ के साथ गुजारा। इसके बाद उन्होंने नेट पर खूब मेहनत की और उनकी मेहनत तब रंग लाई जब उन्होंने अपनी बैटिंग की खामियों को दूर कर दिया।  [ये भी पढ़ें: भारत के खिलाफ फाइनल में मोहम्मद आमिर की हो सकती है वापसी]

इस दौरान उन्होंने पूर्व इंग्लैंड के क्रिकेटरों से भी बातचीत की। रोहित ने कहा कि ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी करने से भी मदद मिली क्योंकि सभी विशेषज्ञ माइकल आर्थटन, ईयान वार्ड और रॉबर्ट उनके संतुलन को लेकर उनकी तारीफ कर रहे थे। रोहित आईपीएल में जूझे थे। इसका कारण निचले क्रम पर बल्लेबाजी करना हो सकता है। उन्होंने कहा कि पारी की शुरुआत करने से उन्हें बहुत मदद मिली क्योंकि इस दौरान वह सिर्फ रन बनाने के अलावा अपनी तकनीकी पर भी ध्यान केंद्रित कर पाए।