सौम्य सरकार © Getty Images
सौम्य सरकार © Getty Images

भारत और बांग्लादेश के खिलाफ अभ्यास मैच के दौरान ओपनर सौम्य सरकार एक बार फिर सुर्खियों में आ गए। दरअसल सौम्य सरकार ने बल्ले से कोई खास प्रदर्शन नहीं किया बल्कि वो आउट होने के बाद अंपायर से डीआरएस लेने चले गए। चौथे ओवर में उमेश यादव की गेंद पर सौम्य सरकार के बल्ले का किनारा लगा और गेंद सीधे विकेटकीपर दिनेश कार्तिक के हाथों में चली गई। अंपायर इरेसमस ने सौम्य सरकार को आउट दे दिया, लेकिन सौम्य सरकार इस फैसले को मानने के बजाए अंपायर से बात करने चले गए और पूछने लगे कि वॉर्मअप मैच में डीआरएस लेने की सुविधा है या नहीं। अंपायर इरेसमस ने सौम्य सरकार को वॉर्मअप मैच में डीआरएस नहीं होने की जानकारी दी जिसके बाद वो पैवेलियन लौट गए।

बोल्ड होने पर लिया था डीआरएस

आपको बता दें बांग्लादेश के बल्लेबाज सौम्य सरकार डीआरएस लेने के लिए विख्यात हैं। इसी साल श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में उन्होंने बोल्ड होने पर डीआरएस ले लिया था। दरअसल सौम्य सरकार को श्रीलंकाई गेंदबाज असेला गुणारत्ने ने क्लीन बोल्ड कर दिया था और वह जल्दबाजी में समझ नहीं पाए कि वह बोल्ड हो गए है। इसलिए उन्होंने जल्दबाजी में डीआरएस ले लिया। सरकार के इस फैसले से क्रिकेट प्रशंसकों के साथ श्रीलंका के खिलाड़ी भी हैरान हो गए। चैंपियंस ट्रॉफी 2017:भारत-बांग्लादेश प्रैक्टिस मैच का स्कोरकार्ड 

दरअसल ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि बॉल सरकार के ना ही बैट से लगी थी और ना ही पैड से लगी थी। इसलिए वो खुद को नॉटआउट समझ रहे थे, लेकिन उन्होंने ये ध्यान ही नहीं दिया कि वो बोल्ड हो गए हैं। उन्हें लगा कि उनके खिलाफ कैच आउट की अपील हुई है। सरकार के डीआरएस के लेने के फैसले से पहले शायद किसी ने सोचा होगा कि क्रिकेट में कोई भी बल्लेबाज बोल्ड होने पर डीआरएस लेगा। डीआरएस के अस्तित्व में आने के बाद शायद ही किसी बल्लेबाज ने ऐसा किया हो।