विराट कोहली © AFP
विराट कोहली © AFP

पहले लीग मैच में 124 रनों से जीत हासिल करने के बाद टीम इंडिया के हौसले काफी बढ़े हुए हैं। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे मैच से पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए कप्तान विराट कोहली ने भी अपने बयान में इसी बात का जिक्र किया। कोहली ने मैच से पहले श्रीलंका टीम की ताकत से लेकर टीम इंडिया के अंतिम एकादश तक हर पक्ष पर बात की। कोहली ने कहा कि वह श्रीलंका टीम को हल्के में नहीं लेना चाहते हैं। वहीं पहले मैच में अंतिम एकादश से बाहर रहे रविचंद्रन अश्विन के बारे में भी उन्होंने बयान दिया। आइए कोहली के इन चार बड़े बयानों पर एक नजर डालते हैं।

श्रीलंका टीम कमजोर नहीं हैं: हालांकि श्रीलंका टीम अपना पहला मैच हार चुकी है लेकिन कोहली इस एशियाई टीम को कम आंकने की गलती नहीं करना चाहते है। उन्होंने कहा, “आईसीसी टूर्नामेंट में श्रीलंका की टीम अच्छा प्रदर्शन करती है। श्रीलंका का रिकॉर्ड देखें तो वो सेमीफाइनल तक पहुंचती है और वो फाइनल में भी पहुंचे हैं। श्रीलंका के पास अच्छे खिलाड़ी हैं। उनकी टीम बदल रही है लेकिन उनके पास मैच जिताऊ खिलाड़ी हैं।” [ये भी पढ़ें: श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टीम इंडिया की 100% जीत]

फील्डिंग में सुधार जरूरी: पाकिस्तान के खिलाफ पहले लीग मैच में भारत की फील्डिंग कुछ खास नहीं रही थी। भुवनेश्वर कुमार और केदार जाधव जैसे खिलाड़ियों ने भी आसान से कैच छोड़े थे। इस बारे में कोहली ने कहा, “कोई बड़ा टूर्नामेंट शुरू होता है और आप अच्छी बल्लेबाजी करते हैं तो आपके अंदर कुछ ज्यादा ही जोश आ जाता है। जिसके चलते फील्डिंग पर भी असर पड़ता है। वैसे हमने फील्डिंग पर खिलाड़ियों से बात की है और उस पर ध्यान देने के लिए कहा है। अगर सामने वाली टीम के 7-8 विकेट गिर जाएं तो खिलाड़ियों के अंदर थोड़ा लापरवाही का भाव आ जाता है लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए। जिन टीमों के पास आखिर तक बल्लेबाज हैं उनका कैच छोड़ना महंगा पड़ सकता है। चैंपियंस ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट में आपको सभी कमियों को दूर करना होगा। फील्डिंग में हमने काफी मेहनत की है और श्रीलंका के खिलाफ मैच में हम अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।”

अंतिम एकादश में अश्विन की मौजूदगी:  भारत के सबसे सफल स्पिन रविचंद्रन अश्विन पहले लीग मैच का हिस्सा नहीं थे। श्रीलंका के खिलाफ मैच में उन्हें मौका मिलेगा या नहीं इस बारे में कोहली ने कुछ साफ नहीं कहा। उन्होंने बताया, “अश्विन एक बेमिसाल गेंदबाज हैं ये हर कोई जानता है। वो काफी प्रोफेशनल है। वो टीम कॉम्बिनेशन जानते हैं और पिछले मैच में वो हमारे फैसले के साथ खड़े थे। टीम चुनने के मुद्दे पर वो काफी होशियार हैं। वो जानते हैं कि टीम को किसकी जरूरत है और वो टीम के साथ हैं। श्रीलंका के खिलाफ हम देखेंगे कि उनके बल्लेबाज किस गेंदबाज को कैसा खेलते हैं। उसी के मुताबिक प्लेइंग इलेवन तय होगी।” [ये भी पढ़ें:’टीम इंडिया के महान खिलाड़ी बन सकते हैं हार्दिक पांड्या’]

टीम का संतुलन: विराट कोहली भले ही पहली बार किसी आईसीसी टूर्नामेंट में कप्तानी कर रह हों लेकिन वह जानते हैं कि केवल बल्लेबाजी या गेंदबाजी के दम पर ट्रॉफी नहीं जाती है, टीम में संतुलन होना बहुत जरूरी है। इस बारे में उन्होंने कहा, “हमें अच्छा लगता है कि हमारे पास 4-5 ऐसे गेंदबाज हैं जो खेल को बदल सकते हैं। इससे बल्लेबाजों को हौसला मिलता है। बल्लेबाज को पता होता है कि गेंदबाज अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं तो उनपर दबाव कम होता है।”