ECB ने खिलाड़ियों को कैश लेन-देन से बचने को कहा, दिए खास डेबिट कार्ड

ईसीबी ने विश्व कप को भ्रष्टाचार मुक्त रखने की कोशिश के अंतर्गत सभी खिलाड़ियों, अधिकारियों, अंपायरों और मैच रैफरियों को विशेष डेबिट कार्ड जारी किए हैं।

Edited By : Press Trust of India |Jun 09, 2019, 05:55 PM IST

Published On Jun 09, 2019, 05:55 PM IST

Last UpdatedJun 09, 2019, 05:55 PM IST

@facebook page England cricket

आईसीसी विश्व कप की मजबूत दावेदार मानी जा रही मेजबान इंग्लैंड की टीम ने शनिवार को बांग्लादेश के खिलाफ 106 रन की बड़ी जीत हासिल की। इंग्लैंड को पिछले मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ हार मिली थी। टीम की जीत से इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) बेहद खुश है लेकिन उन्होंने साथ ही टीम के खिलाड़ियों को सावधान भी किया है।

ईसीबी ने विश्व कप को भ्रष्टाचार मुक्त रखने की कोशिश के अंतर्गत सभी खिलाड़ियों, अधिकारियों, अंपायर्स और मैच रैफरियों को विशेष डेबिट कार्ड जारी किए हैं। साथ ही इन सभी को टूर्नामेंट के दौरान नकद में लेन देन से बचने की सलाह दी है।

Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source

पढ़ें:- सिर पर गेंद लगने से सुन्न हुआ राशिद का दिमाग, नहीं मिली फील्डिंग की इजाजत

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ईसीबी ने ये कार्ड जारी किए हैं जिसने खिलाड़ियों और अधिकारियों को नकद या चेक के जरिए भुगतान करने के बजाय भुगतान/भत्ते विशेष डेबिट कार्ड में जमा किए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘ईसीबी ने खिलाड़ियों, टीम अधिकारियों और मैच अधिकारियों को छह जून तक सारे भुगतान जमा किए हैं। यह कार्ड अगस्त तक वैध है और इसे खरीदारी, भुगतान के अलावा रेस्त्रां में इस्तेमाल किया जा सकता है।’’

पढ़ें: जेसन की आतिशी पारी, इंग्लैंड ने बांग्लादेश को 106 रन से रौंदा

अब तक मेजबान टीम मैनेजर को सीधे वेतन देती थी जो खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों को दैनिक भत्ते या अन्य भुगतान वितरित करते थे।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने कहा कि उसने विश्व कप में कुछ विशेष कदम उठाए हैं ताकि खिलाड़ियों को किसी तरह की अवांछित पेशकश से रोका जा सके।

रिपोर्ट के अनुसार डेबिट कार्ड के इस्तेमाल से आईसीसी भ्रष्टाचार अधिकारी टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों, टीम और मैच अधिकारियों द्वारा सभी वित्तीय लेनदेन पर निगाह रख सकते हैं।

इसके अनुसार मान्यता प्राप्त क्रिकेट बोर्ड ने भी आईसीसी के इस कदम का समर्थन किया। आईसीसी एसीयू अधिकारी अपनी ब्लैकलिस्ट में मौजूद लोगों पर करीब से निगाह लगाए हैं।

Editor's Pick