मोहम्मद शमी ने हैट्रिक पर कहा, माही भाई ने बोला ‘यॉर्कर डालो’

चेतन शर्मा के बाद शमी विश्व कप में हैट्रिक लेने वाले दूसरे भारतीय गेंदबाज बने। 1987 विश्व कप में चेतन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ यह हैट्रिक हासिल की थी।

Edited By : Press Trust of India |Jun 23, 2019, 02:12 PM IST

Published On Jun 23, 2019, 02:12 PM IST

Last UpdatedJun 23, 2019, 02:12 PM IST

MS DHONI AND MOHAMMED SHAMI

MS DHONI AND MOHAMMED SHAMI

भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ भारत के रोमांचक विश्व कप मुकाबले के दौरान महेंद्र सिंह धोनी ने सलाह दी थी। वह हैट्रिक गेंद में यॉर्कर डाले और उन्होंने भी ऐसा करने के बारे में ही सोचा था।

शमी चेतन शर्मा के बाद विश्व कप में हैट्रिक लेने वाले दूसरे भारतीय गेंदबाज बने। 1987 विश्व कप में चेतन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ यह हैट्रिक हासिल की थी। 50 ओवर्स के विश्व कप के इतिहास में यह 10वीं हैट्रिक है।

Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source

पढ़ें:- शमी की हैट्रिक, भारत ने अफगानिस्‍तान पर दर्ज की रोमांचक जीत

शमी ने 40 ओवर में चार विकेट झटकने के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘रणनीति सरल थी और वो यॉर्कर डालने की थी। यहां तक कि माही भाई ने भी इसी का सुझाव दिया। उन्होंने कहा था, ‘अब कुछ भी मत बदलो क्योंकि तुम्हारे पास हैट्रिक हासिल करने शानदार मौका है।’’’

उन्होंने कहा, ‘‘हैट्रिक एक शानदार उपलब्धि है और तुम्हें इसके लिए कोशिश करनी चाहिए। इसलिए मैंने वही किया जो मुझे बताया गया था।’’

पढ़ें: वर्ल्‍ड कप में हैट्रिक लगाने वाले दूसरे भारतीय गेंदबाज बने शमी

भुवनेश्वर कुमार की हैमस्ट्रिंग जकड़न के कारण शमी को इस मैच में खेलने का मौका मिला और बंगाल के इस तेज गेंदबाज ने स्वीकार किया कि वह भाग्यशाली रहे कि उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘अंतिम प्लेइंग इलेवन में शामिल होने का मौका मिलना थोड़ा मुश्किल होता है। मैं जानता था जब भी मुझे मौका मिलेगा तो इसका पूरा फायदा उठाऊंगा। जहां तक हैट्रिक की बात है तो विश्व कप में कम से कम यह दुर्लभ ही है। मैं इससे खुश हूं।’’

शमी ने कहा कि अंतिम ओवर में सोचने का समय नहीं था और लक्ष्य यही था कि रणनीति के हिसाब से खेला जाए। उन्होंने कहा, ‘‘सोचने का समय नहीं था। आपको अपनी काबिलियत के हिसाब से खेलने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता। अगर आप वैरिएशन आजमाते भी हैं, तो रन बनने की संभावना ज्यादा हो जाती है। मैं बल्लेबाज का दिमाग पढ़ने की कोशिश करने के बजाय अपनी रणनीति का कार्यान्वयन करना चाहता था।’’

Editor's Pick