बुमराह बोले- मैं अपेक्षाओं के दबाव के बारे में नहीं सोचता
मुझमें सीखने की ललक अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती है
Published On Jun 06, 2019, 05:45 PM IST
Last UpdatedJun 06, 2019, 05:45 PM IST
Jasprit Bumrah @IANS
जसप्रीत बुमराह दुनिया भर के बल्लेबाजों के लिए आतंक का पर्याय बने हुए हैं लेकिन भारत के इस तेज गेंदबाज का मानना है कि उन पर अपेक्षाओं का कोई दबाव नहीं है।
छह कदम के सरल रनअप और असाधारण गेंदबाजी एक्शन वाले बुमराह कप्तान विराट कोहली की तरकश के सबसे ‘धारदार’ तीर हैं। गुजरात के रहने वाले इस तेज गेंदबाज का कहना है कि उनमें सीखने की ललक अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती है।
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उन्होंने कहा, ‘मैं अपेक्षाओं के बारे में सोचता ही नहीं हूं। मैं बस यह देखता हूं कि टीम मुझसे क्या चाहती है। मुझे नहीं लगता कि मेरी कोई साख बन गई है और मुझे उस पर हमेशा खरा उतरना है। मैं चीजें सरल रखता हूं।’
उन्होंने कहा, ‘मैं लगातार देखता रहता हूं कि खेल में क्या चल रहा है और इससे विविधता लाने में मदद मिलती है। सीखने में कोई बुराई नहीं है। अगर आप मुझसे कहेंगे कि यह दुनिया का सबसे परफेक्ट एक्शन है तो मैं उसकी नकल करने की कोशिश करूंगा।’
बुमराह का मानना है कि ‘टेस्ट मैच की तरह लेंथ’ से गेंदबाजी उनके लिए कारगर साबित हुई। कप्तान विराट कोहली ने इसे टेस्ट क्रिकेट में उसकी सफलता का कारण बताया ।
कोहली ने कहा, ‘बुमराह का मानना है कि लैंग्थ गेंद से वह बल्लेबाजों को चकमा दे सकता है। यह देखकर अच्छा लगता है कि बल्लेबाज उसे खेल ही नहीं पाते और वह उन्हें गलतियां करने पर मजबूर कर रहा है।’
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उन्होंने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो मैंने हाशिम अमला को वनडे क्रिकेट में इस तरह आउट होते नहीं देखा।’
बुमराह की इस सफलता के पीछे कड़ी मेहनत छिपी है। उन्होंने कहा, ‘पीछे से काफी मेहनत करनी पड़ती है। मैं नई गेंद, नई वैरिएशन सबसे नेट पर काफी अभ्यास करता हूं। दिमाग खुला रखकर रणनीति पर अमल करना अहम है।’
कोहली ने कहा, ‘बुमराह का सामना करते समय अच्छी तकनीक और अच्छे शॉट्स की जानकारी जरूरी है। यदि कहीं भी हिचक हुई तो वह भांप लेगा और फिर आपको दबाव से निकलने नहीं देगा।’
उन्होंने कहा, ‘नेट्स पर उनके सामने अभ्यास करने से हमारे बल्लेबाजों को मैच के दौरान दूसरे गेंदबाजों को खेलने में मदद मिल रही है।’