ICC CRICKET World Cup exit: End of road near for Kedar Jadhav and Dinesh Karthik?
Dinesh Karthik vs NZ @IANS

आईसीसी विश्व कप सेमीफाइनल में भारतीय टीम की मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजी लचर नजर आई। रोहित शर्मा और विराट कोहली पर टीम ज्यादा निर्भर नजर आई। भारत के कमजोर मिडिल ऑर्डर में बदलाव की संभावना है। ऐसे मे अगले साल होने वाले विश्व टी20 को ध्यान में रखते हुए केदार जाधव और दिनेश कार्तिक जैसे कामचलाऊ विकल्पों को टीम से बाहर किया जा सकता है।

जाधव और कार्तिक जैसे कामचलाऊ खिलाड़ियों की मौजूदगी वाला भारत का कमजोर मध्यक्रम उपमहाद्वीप के बाहर के हालात में दबाव की स्थिति से निपटने में सक्षम नहीं था। यह मौजूदा टीम की सबसे बड़ी कमजोरी थी और विश्व कप सेमीफाइनल जैसे नतीजे की आशंका सभी को थी।

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रोहित शर्मा, विराट कोहली और केएल राहुल का एक साथ बुरा दिन होने का खामियाजा भुगतना पड़ा और इससे भी निराशाजनक यह रहा कि ऐसा नॉकआउट मैच में हुआ। विश्व कप ही नहीं बल्कि इससे दो साल पहले से ही भारत के पास कोई प्लान बी नहीं था लेकिन कोहली और रोहित की बेहतरीन फॉर्म और इनके शतकों ने टीम की बल्लेबाजी की कमजोरियों को उजागर नहीं होने दिया।

महेंद्र सिंह धोनी की डेथ ओवर्स में आक्रामक बल्लेबाजी की क्षमता में गिरावट आई है जबकि हार्दिक पांड्या बल्लेबाजी को अधिक प्रभावित नहीं कर पाए। भारत के भविष्य के बल्लेबाज माने जा रहे शुभमन गिल को न्यूजीलैंड में दो मैचों में मौका दिया गया लेकिन इसके बाद टीम से बाहर कर दिया गया।

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विश्व कप ने हालांकि सबक दिया कि कार्तिक और जाधव जैसे खिलाड़ी कभी कभार निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं लेकिन इन पर अधिक भरोसा नहीं किया जा सकता। कार्तिक के पास इंग्लैंड के हालात में खेलने वाला खेल नहीं था और उनके विकेटकीपिंग कौशल के कारण उन्हें टीम के साथ रखा गया। जाधव भी डेथ ओवर्स में तेजी से रन बटोरने में सक्षम नहीं और पैर की मांसपेशियों में लगातार चोट के बावजूद उन पर बार बार भरोसा किया गया।

धोनी के खेल का अगर प्रभाव देखना है तो इसके लिए दूसरे छोर पर जडेजा या पांड्या जैसा बल्लेबाज चाहिए जो तेजी से रन जुटाने में सक्षम हो। टीम ने हालांकि जाधव और कार्तिक जैसे टुकड़ों में प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को विशेषज्ञ बनाने का प्रयास करने की गलती की।
हालांकि विश्व टी20 करीब है और कोहली ने स्पष्ट कर दिया है कि आत्मविश्लेषण किया जाएगा। ऐसे में कुछ बदलावों की उम्मीद है लेकिन कोर खिलाड़ियों से संभवत: छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।

इसके अलावा 20 खिलाड़ियों के कोर समूह की पहचान की जाएगी जो अगले साल या इससे बाद 50 और 20 ओवर दोनों प्रारूपों में खेलें। इस समूह में कार्तिक और जाधव को अधिक अहमियत मिलने की संभावना नहीं है।