ICC set to impose tougher sanctions for mushrooming T20 leagues

बीसीसीआई ने इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत क्‍या की इसके बाद कई देशों में इसी तर्ज पर लीग क्रिकेट शुरु हो गई। पिछले कुछ समय में इनकी संख्‍या में बड़ी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। मौजूदा समय में आईपीएल के अलावा ऑस्‍ट्रेलिया में बिग बैश लीग, पाकिस्‍तान में पीएसएल, अफगानिस्‍तान में एपीएल, वेस्‍टइंडीज में सीपीएल व अन्‍य लीग खेली जाती हैं। हाल ही में साउथ अफ्रीका ने भी अपनी टी-20 लांच की है।

आईसीसी ने मंगलवार से शुरू हो रही सिलसिलेवार बैठकों में दुनिया भर में तेजी से बढ़ती जा रही टी-10 और टी-20 लीगों पर नकेल कसने पर बातचीत की जाएगी। टी-20 प्रारूप की बढ़ती लोकप्रियता के बाद आईसीसी को अब टी-10 लीग पर भी नजर रखनी होगी जिसे पिछले साल मंजूरी दी गई।

बैठक से पहले आईसीसी के क्रिकेट महाप्रबंधक ज्यौफ एलार्डिस ने स्वीकार किया कि इस तरह की लीगों की तादाद बढ़ना जोखिमभरा है। ‘‘हम बैठक में टूर्नामेंटों के नियमों और प्रतिबंधों और लीग के लिए खिलाड़ियों को छोड़ने जैसे मसलों पर बात करेंगे। इसके अलावा लीगों में मालिकाना ढांचा कैसा होगा और वित्तपोषण का स्रोत क्या होगा, जैसे मसलों पर भी बात की जाएगी।’’

अलार्डिस ने कहा कि टी20 लीगों को आईसीसी से मान्यता मिलना अब कठिन होगा। ‘‘हर किसी के लिए हमारे दरवाजे खुले नहीं होंगे। भविष्य में मान्यता मिलना कठिन होगा और किसी भी टूर्नामेंट को घरेलू बोर्ड तथा आईसीसी दोनों से मान्यता लेनी होगी।’’

पांच दिन तक चलने वाली बैठक में 2019 विश्व कप के बाद होने वाली पहली विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के बारे में भी बात की जाएगी। आईसीसी की पहली स्वतंत्र महिला निदेशक के रूप में पेप्सीको की पूर्व सीईओ इंदिरा नूयी पहली बार बैठक में भाग लेगी। भारत का प्रतिनिधित्व कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी करेंगे। यौन उत्पीड़न के आरोपों से घिरे सीईओ राहुल जोहरी को अपना नाम वापिस लेना पड़ा है।