This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful.
'दूसरा' गेंद के लिए कोहनी मोड़ने के नियम में ICC से और ढील चाहते हैं Ravichandran Ashwin
रविचंद्रन अश्विन चाहते हैं क्रिकेट में संतुलन के लिए 'दूसरा' के नियमों में छूट दे आईसीसी.
Written by India.com Staff
Last Published on - June 11, 2021 9:19 AM IST

भारतीय टीम के स्टार ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) चाहते हैं कि स्पिन गेंदबाजों द्वारा फेंकी जाने वाली ‘दूसरा’ गेंद के लिए आईसीसी कोहनी मोड़ने के नियम में कुछ ढील दे. अश्विन ने सलाह दी कि आईसीसी को इसके लिए 15 डिग्री की सीमा को हटाकर इसे स्वीकार्य स्तर तक मोड़ने की अनुमति दे देनी चाहिए.
अश्विन अपने तमिल यूट्यूब चैनल शो ‘द लीजेंड ऑफ द दूसरा’ पर साउथ अफ्रीका के पूर्व ‘परफॉरमेंस’ विश्लेषक प्रसन्ना अगोराम से चर्चा के दौरान ऑफ स्पिरनरों की इस खतरनाक गेंद के बारे में विस्तार से बात कर रहे थे. इस चर्चा में उन्होंने कहा, ‘मेरे हिसाब से, हमें इसे (दूसरा को) खत्म नहीं करना चाहिए बल्कि स्पिनरों को कोहनी के उचित मोड़ के साथ जिम्मेदारी से दूसरा गेंद फेंकने के लिए सक्षम करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज ऑफ स्पिनर सकलेन मुश्ताक दुनिया के एकमात्र स्पिनर थे, जो अपने करियर के दौरान ‘लीगल दूसरा’ गेंद फेंकने में माहिर थे. अश्विन ने कहाा, ‘सकलेन ने ‘दूसरा’ फेंकने की शुरुआत की और ‘रॉन्ग उन’ गेंदबाजी करने वालों में मुथैया मुरलीधरन, हरभजन सिंह और सईद अजमल शामिल हैं.
उन्होंने कहा, ‘इसमें किसी भी तरह का उल्लघंन नहीं होना चाहिए. हर किसी को (15 डिग्री या 20-22 डिग्री) तक मोड़ के साथ गेंदबाजी की अनुमति देनी चाहिए.’ अगोराम चाहते हैं कि आईसीसी कोहनी को 15 डिग्री तक मोड़ने की सीमा को बढ़ा दे और साथ ही स्पिनरों को जिम्मेदारी से दूसरा गेंद फेंकनी चाहिए.
उन्होंने कहा, ‘मैं बल्ले और गेंद में बराबर संतुलन चाहता हूं. गेंदबाजों को भी बल्लेबाजों की तरह आजादी की जरूरत है. इसी से प्रतिस्पर्धा बेहतर हो सकती है. मैं गेंदबाजों को टी20 क्रिकेट में 125 रन के स्कोर का बचाव करते हुए देखना चाहता हूं. लब्बोलुवाब यही है.’
अगोराम ने कहा, ‘लेकिन कुछ मामलों में जब अंपायरों का एक्शन सिर्फ दूसरा के लिए होता है तो मैं चाहता हूं कि आईसीसी इस कोहनी के मुड़ाव को 18.6 डिग्री तक कर दे. अगर गेंदबाजों को दूसरा गेंदबाजी की अनुमति मिल जाती है तो प्रतिस्पर्धा (बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच) पर विचार किया जाना चाहिए.’
अश्विन ने भी कहा कि पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर सकलेन मुश्ताक ही एकमात्र गेंदबाज थे जो दूसरा गेंद को खूबसूरती से वैध रूप से फेंकते थे. उनके अनुसार वैध दूसरा फेंकने वाले एक अन्य स्पिनर शोएब मलिक हैं, जिन्होंने अपनी बल्लेबाजी पर ज्यादा ध्यान लगाना शुरू कर दिया.
