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भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए दूसरे वनडे मैच के पहले बुधवार को आईसीसी ने ग्राउंड अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए पिच से छेड़छाड़ के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पांडुरंग सालगांवकर, जो पिच ग्राउंड के पिच मैनेजर हैं वे एक टीवी चैनल के द्वारा किए गए स्टिंग में यह कहते हुए पाए गए कि उन्होंने मैच के पहले पिच में कुछ मनमाने बदलाव किए हैं। जब यह बात बाहर आई तो भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने सालगोचर को एमसीए से बैन कर दिया और आईसीसी अधिकारियों ने मैच को समय से शुरू करने के लिए अपनी सहमति दे दी।

आईसीसी के प्रवक्ता ने कहा, “हम आज सुबह (बुधवार) से सभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सदस्यों के साथ इस मामले की जांच कर रहे हैं। जैसा कि सभी अंतरराष्ट्रीय सदस्य, आईसीसी की एंटी-करप्शन यूनिट जिसका एक आईसीसी एसीयू मैनेजर भारत में मैदान पर है, हम उनके साथ साथ संपर्क में हैं। अब हम तथ्यों को जुटा रहे हैं और जबतक यह जांच चलती रहेगी हम इस बारे में कुछ नहीं कहेंगे।”

बीसीसीआई ने सालगांवकर को तुरंत बैन कर दिया जब वह रिपोर्टर के साथ (जो बुकी बनकर गया था) ट्रेक की जानकारियां साझा करता देखा गया। बीसीसीआई के कार्यकारी अधिकारी सीके खन्ना ने एफपी को कहा, “हां, उन्हें संस्पेंड करने के साथ स्टेडियम में प्रवेश करने के लिए भी बैन कर दिया गया है।”

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उन्होंने कहा, “मुंबई के एक न्यूट्रल कॉन्ट्रेक्टर ने चार्ज लिया है। उसने पिच की जांच की और पूरी तरह से अच्छा पाया।” सालगांवकर  पिच में एक व्यक्ति के साथ मैच के एक दिन पहले नजर आए थे, इस तरह से उन्होंने आईसीसी के नियमों की धज्जियां उड़ाई थीं। क्योंकि पिच पर बहुत कम लोगों को जाने की अनुमति होती है। 68 साल के सालगांवकर  1970 के दशक में महाराष्ट्र के तेज गेंदबाज थे। इसके बाद उन्होंने स्टेट असोसिएशन में क्यूरेटर का कार्यभार संभाल लिया।

खन्ना ने कहा, “उसने हमें निश्चित रूप से नीचा दिखाया है। इस समस्या से निपटने के लिए महाराष्ट्र क्रिकेट असोसिएशन के द्वारा एक जांच कमेटी बिठाई गई है। हम भी बीसीसीआई की एंटी-करप्शन यूनिट के साथ काम कर रहे हैं ताकि मुद्दे की जड़ तक पहुंचा जा सके क्योंकि स्टिंग ऑपरेशन के दावे पर हर किसी ने तेजी से कार्यवाई की है।”