महिलाओं से यौन उत्‍पीड़न को लेकर भारत में इन दिनों मीटू मुहीम काफी जोर पकड़ रही है। इसके दायरे में बीसीसीआई के आला अधिकारी राहुल जोहरी भी अा गए हैं। आईसीसी क्रिकेट में इस समस्‍या से निजात पाने के लिए नई गाइडलाइन बनाने पर विचार कर रही है।

वेस्‍टइंडीज में अगले महीने नौ नवंबर से महिला टी-20 विश्‍व कप खेला जाना है। द हिन्‍दू अखबार की खबर के मुताबिक यौन उत्‍पीड़न को लेकर इस मेगा इवेंट से पहले आईसीसी इस बाबत अपने नियम को फास्‍ट ट्रैक करने की तैयारी कर रहा है। बुधवार को आईसीसी की हर तीन महीने में होने वाली मीटिंग है। जिसमें यौन उत्‍पीड़न को लेकर नई गाइडलाइन बनाने पर विचार किया जा सकता है।

खबर के मुताबिक पिछले 18 महीनों में मैच के दौरान आईसीसी को यौन उत्‍पीड़न की नौ शिकायतें मिल चुकी हैं। जिसके चलते अब आईसीसी इस बाबत कोई ठोस निर्णय लेने पर विचार कर रही है। आईसीसी बोर्ड, उसकी महिला समिति, मुख्‍य कार्यकारी समिति, विकास समिति को लिखे अपने नोट में आईसीसी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर लैन हिगिन्‍स और सीनियर लीगल काउंसिल ने लिखा, “इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्‍त नहीं किया जा सकता है। आईसीसी का अब अगला सबसे बड़ा इवेंट महिला टी-20 विश्‍व कप है। जिसमें यौन उत्‍पीड़न की घटनाएं होने की संभावना काफी अधिक है। इस इवेंट से पहले हम चाहेंगे कि आईसीसी की पॉलिसी पूरी तरह से प्रभावी हो।”

आईसीसी मीडिया को भी अपनी नई गाइडलाइन के दायरे में लाने पर विचार कर रही है।