ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ क्‍वाटर फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने 74 रन से बड़ी जीत दर्ज कर अंडर-19 विश्‍व कप के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है. महज 234 रन के छोटे से लक्ष्‍य का बचाव करने में भारतीय टीम कामयाब रही तो इसका श्रेय पूरी तरह 19 साल के कार्तिक त्‍यागी को जाता है.

ऑस्‍ट्रेलिया जैसी बड़ी टीम के खिलाफ कार्तिक ने लक्ष्‍य का बचाव करने के दौरान पहले ही ओवर में मैच का रुख पलट दिया. माना जा रहा था कि ऑस्‍ट्रेलिया इस मुकाबले को आसानी से जीत ल्रेगी. महज पहली पांच गेंदों के बाद ऑस्‍ट्रेलिया का स्‍कोर तीन विकेट के नुकसार पर चार रन था.

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कार्तिक त्‍यागी ने पहले ओवर में कप्‍तान मैकेंज़ी हार्वे 4(3) और लचलन हरने 0(1) को आउट किया. इसी ओवर में सलामी बल्‍लेबाज जेक फ्रेजर-मैकगर्क 0(0) बिना गेंद खेले रनआउट भी हो गए. यह से कंगारू टीम वापसी नहीं कर पाई और भारत ने मैच में जीत दर्ज की. कार्तिक ने अपने आठ ओवरों में 24 रन देकर कुल चार विकेट निकाले.

कार्तिक का शौहरत तक पहुंचने का सफर इतना आसान नहीं रहा है. कार्तिक त्‍यागी मूल रूप से उत्‍तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले हैं. यह वही शहर है जिसने भारत को प्रवीण कुमार और भुवनेश्‍वर कुमार जैसे तेज तर्रार गेंदबाज दिए हैं.

कार्तिक त्‍यागी अपनी इच्‍छा से गेंद को किसी भी वक्‍त स्विंग कराने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन यह तेज गेंदबाज वास्‍तव में अपने शुरुआती दिनों में बल्‍लेबाज बनना चाहता था. कार्तिक त्‍यागी की इच्‍छा एक सलामी बल्‍लेबाज बनने की थी.

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कार्तिक को विपिन वत्‍स ने कोचिंग दी है. विपिन वत्‍स इससे पहले प्रवीण कुमार और भुवनेश्‍वर कुमार को भी कोचिंग दे चुके हैं. विपिन के कहने पर ही कार्तिक ने बल्‍लेबाजी की जगह गेंदबाजी को अपने करियर के रूप में चुना.

इंडियन एक्‍सप्रेस से बातचीत के दौरान कार्तिक त्‍यागी ने कहा, “गेंदबाजी को चुनना उनके करियर का टर्निंग प्‍वाइंट था. बहुत सारे बल्‍लेबाज नेट्स में इंतजार कर रहे होते थे. कोच ने मुझे कहा तू बॉल डाल. बस यहीं से मेरे गेंदबाज बनने का सफर शुरू हुआ.”

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कोच विपिन वत्‍स से यह पूछे जाने पर कि उन्‍हें गेंदबाजी करियर के तौर पर चुनने के लिए ही क्‍यों कहा गया. इसपर उन्‍होंने जवाब दिया, “पहली बात कि उसकी लंबाई और दूसरी उसका हाई आर्म एक्‍शन काफी अच्‍छा है. 50 प्रतिशत काम यहीं पूरा हो जाता है. एक कोच के तौर पर मेरी जिम्‍मेदारी है कि मैं खिलाड़ी को उसके लिए सही रास्‍ता बताऊं. मुझे लगा कि त्‍यागी के लिए गेंदबाजी ही सबसे अच्‍छा विकल्‍प होगा.”

अंडर-14 और अंडर-16 के लिए खेलने के दौरान ही प्रवीण कुमार ने कार्तिक के खेल की तारीफ की थी. प्रवीण ने उसे उत्‍तर प्रदेश की रणजी टीम के कप्‍तान सुरेश रैना से मिलवाया था. जिसके बाद उन्‍होंने रणजी ट्रॉफी में अपना डेब्‍यू किया.

कार्तिक त्‍यागी के करियर में बड़ी अड़चन उस वक्‍त आई जब उन्‍हें स्‍ट्रेच फ्रेक्‍चर हो गया. वो एक साल तक क्रिकेट से दूर रहे. पिता पेश से किसान हैं. बेटे के इलाज के लिए उन्‍हें कर्ज लेना पड़ा, जिसे वो अब भी धीरे-धीरे चुका रहे हैं.

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कार्तिक की किस्‍मत उस वक्‍त खुल जब बीते साल अंडर-19 विश्‍व कप की टीम में चुना गया. इसके ठीक बाद आईपीएल 2020 के लिए नीलामी के दौरान राजस्‍थान रॉयल्‍स ने उन्‍हें 1.3 करोड़ की बड़ी रकम खर्च कर टीम में शामिल किया.

अंडर-19 विश्‍व कप 2020 के टॉप-5 विकेट लेने वाले खिलाड़ियों में चार स्पिनर हैं. नौ विकेट झटककर कार्तिक त्‍यागी इकलौते तेज गेंदबाज इस क्‍लब में शामिल हैं.