कोविड-19 (COVID-19) वैश्विक महामारी के कारण अन्य खेलों की तरह क्रिकेट की भी सभी प्रतियोगिताओं को या तो स्थगित कर दिया गया है या उन्हें रद्द कर दिया है. भारत की तरह अन्य कई देशों में भी लॉकडाउन घोषित है. ऐसे में इस समय सभी खिलाड़ी अपने घरों में फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड कर रहे हैं. बेशक क्रिकेट के मैच इन दिनों आयोजित नहीं हो रहे हों बावजूद इसके मैच फिक्सिंग करने वाले ‘ज्ञात भ्रष्टाचारी’ खिलाड़ियों से संपर्क साधने की कोशिशों में जुटे हुए हैं. इसका खुलासा खुद आईसीसी ने किया है.

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इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की भ्रष्टाचार रोधी इकाई (एसीयू) के प्रमुख एलेक्स मार्शल ने खुलासा किया है कि कोरोना वायरस महामारी से खेल ठप्प पड़ने के कारण सोशल मीडिया पर क्रिकेटरों के अधिक समय बिताने का इस्तेमाल ‘ज्ञात भ्रष्टाचारी’ उनसे रिश्ते बनाने का प्रयास करने के लिए कर रहे हैं.

लॉकडाउन के बीच पिछला प्रतिस्पर्धी मैच 15 मार्च को पाकिस्तान सुपर लीग में खेला गया था. ‘द गार्जियन’ ने मार्शल के हवाले से कहा, ‘हम देख रहे हैं कि जब खिलाड़ी सोशल मीडिया पर हमेशा से अधिक समय बिता रहे हैं तब ज्ञात भ्रष्टाचारी इस समय का इस्तेमाल उनके साथ जुड़ने और रिश्ता बनाने के प्रयास के लिए कर रहे हैं जिससे कि बाद में फायदा उठाया जा सके.’

मार्शल ने कहा कि क्रिकेट गतिविधियां बंद होने का मतलब यह नहीं है कि फिक्सिंग के लिए संपर्क करने की घटनाओं में भी कमी आएगी. उन्होंने कहा, ‘कोविड-19 के कारण भले ही दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट अस्थाई रूप से रुक गया हो लेकिन भ्रष्टाचारी अब भी सक्रिय हैं.’

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मार्शल ने कहा, ‘इस समस्या से अवगत कराने के लिए हमने अपने सदस्यों, खिलाड़ियों से संपर्क किया है जिससे कि सुनिश्चित हो सके कि सभी को भ्रष्ट संपर्क के खतरों की जानकारी रहे.’

एसीयू प्रमुख की टीम भी इस बात से अवगत है कि मैच नहीं होने के कारण आय में गिरावट के कारण कम पैसा कमाने वाले क्रिकेटर फिक्सरों की लुभावनी पेशकश से अधिक प्रभावित हो सकते हैं.

गौरतलब है कि कोरोनावायरस से दुनिया भर में अब तक एक लाख 20 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 15 लाख से अधिक लोग इससे संक्रमित हैं. भारत में कोरोना से मरने वालों की संख्या 500 के आंकड़े को पार कर गई है जबकि इससे संक्रमित मरीजों की संख्या 15 हजार तक पहुंच गई है.