मिताली राज © Getty Images
मिताली राज © Getty Images

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज की हाल ही में एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी। तस्वीर में मिताली अपनी बल्लेबाजी से पहले किताब पढ़ती नजर आ रही थीं। अब मिताली ने इसका खुलासा करते हुए बताया है कि आखिर वो किताब क्यों पढ़ रही थीं। मिताली ने कहा, ”किताब पढ़ने के लिए वो बेहतरीन मौसम था। मुझे किताब पढ़ना पसंद है और मैं हमेशा किताबें पढ़ती हूं। बल्लेबाजी से पहले किताब पढ़ने से मुझे खुद को शांत रखने में मदद मिलती है।”

मिताली ने आगे कहा, ”हमें किंडल ले जाने की इजाजत नहीं होती। हमारे फील्डिंग कोच ने मुझे एक किताब दी थी और उसी किताब को मैं बल्लेबाजी से पहले पढ़ रही थी।” दरअसल, इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। जब क्रीज पर दोनों सलामी बल्लेबाज मौजूद थीं तब मिताली अपनी बल्लेबाजी से पहले आराम से बैठकर किताब पढ़ रही थीं। आपको बता दें कि मिताली तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करती हैं।

आईसीसी के आधिकारिक अकाउंट से मिताली की ये तस्वीर ट्विटर पर पोस्ट की गई जिसे देख सभी हैरान रह गए। भला कोई शख्स ऐसे गंभीर माहौल में इतना शांत कैसे रह सकता है। आईसीसी ने मिताली को ‘क्वीन ऑफ कूल’ का खिताब दे दिया। हालांकि मिताली किताब पढ़ते हुए जितनी शांत लग रही थीं मैदान पर वो उतनी ही आक्रामक थीं। मिताली 27वें ओवर में स्मृति मंधना के आउट होने के बाद बल्लेबाज करने आईं और 49.5 ओवर में आउट हुईं। आउट होने से पहले मिताली ने 72 गेंदों में 8 चौकों की मदद से कुल 71 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइकरेट 97.26 का था।

इस पारी के साथ ही उन्होंने लगातार सात अर्धशतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड भी बना डाला। उनसे पहले ऑस्ट्रेलिया की लिंडसे रीलर, इंग्लैंड की शार्ले एडवर्ड और ऑस्ट्रेलिया की ही एलिस पेरी ने लगातार छह अर्धशतक लगाए थे लेकिन मिताली ने लगातार सात अर्धशतकीय पारियां खेलकर इन सभी को पीछे छोड़ दिया।