पाकिस्तानी टीम की कप्तान सना मीर © Getty Images
पाकिस्तानी टीम की कप्तान सना मीर © Getty Images

आज आईसीसी विश्व कप टूर्नामेंट का 11वें लीग मैच भारत और पाकिस्तान के बीच डर्बी में खेला जाएगा। लगातार दो मैच जीतकर भारत का मनोबल बढ़ा हुआ है तो वहीं पाकिस्तान अब तक इस टूर्नामेंट में एक भी जीत दर्ज नहीं कर पाया है। पाकिस्तान टीम की कप्तान सना मीर को यकीन है उनकी टीम टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज करके रहेगी। मैच से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “अब तक नतीजे हमारे पक्ष में नहीं रह हैं, हमने एक मैच काफी अच्छा खेला था लेकिन दूसरे मैच में हमने उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। अपनी पहली जीत दर्ज करने के लिए हमें और भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा।”

पाकिस्तान की सबसे वरिष्ठ बल्लेबाज बिसमाह मरूफ को पहले मैच के बाद ही चोट की वजह से टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा है। उनके ना रहते हुए पाकिस्तान टीम की मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं लेकिन सना इसे युवाओं के लिए एक मौके की तरह देखतीं हैं। उनका कहना है कि, “हां वह हमारी सबसे सीनियर खिलाड़ी है और टीम में हमेशा ही उसका अहम योगदान रहा है। जब से हम इंग्लैंड आए हैं वह काफी अच्छी प्रदर्शन कर रही थी लेकिन अब उसकी गैर मौजूदगी में दूसरे खिलाड़ियों के पास आगे बढ़कर वो कर दिखाने का मौका है जो बिसमाह इस टीम के लिए करती थी।” [ये भी पढ़ें: एक बार फिर भिड़ेंगे भारत और पाकिस्तान]

भारत के खिलाफ मैच को सना किसी साधारण मैच की तरह ही देखती हैं, इस बारे में उनका कहना है कि, “यह एक नया मैच है, भारत काफी अच्छा क्रिकेट खेल रहा है। हमें उनके कुछ मैच देखने का मौका मिल है, उनकी टीम लगातार अच्छा खेल रही है। मेरा मानना है कि यह दोनों टीमों के लिए नया दिन और नया मैच है। इसलिए जरूरी है कि हम पहले मैच से ही पकड़ बनाए और आखिरी समय तक खेल में बने रहे।”

जब उनसे पूछा गया कि क्या ये पाकिस्तान टीम के लिए करो या मरो का मैच है तो मीर ने कहा, “मुझे लगता है कि विश्व कप में हर मैच जीतना जरूरी होता है। सभी टीमें सेमीफाइनल में पहुंचना चाहती हैं इसलिए हर मैच अहम है।” पाकिस्तान टीम की बल्लेबाजी का ज्यादातर दारोमदार दोनों सलामी बल्लेबाजों आयशा ज़फर और नाहिदा खान पर टिका है। सना भी इस बात को जानती हैं, दोनों के खेल के तरीके पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “नाहिदा और आयशा, दोनों का खेलने का तरीका अलग है। आयशा गेंद को जोर से हिट करती है और तेज खेलना पसंद करती है। वहीं नाहिदा का खेल काफी स्थिर है। जब शुरुआती ओवरों में हमने विकेट खोए हैं तो ऐसी दबाव की स्थिति में उसने टीम के लिए रन बनाए है।”  [ये भी पढ़ें: ”पाकिस्तान को हराकर सेमीफाइनल की तरफ बढ़ाएंगे कदम”]

सना ने ये भी बताया कि वह टीम इंडिया की कप्तान मिताली राज का काफी सम्मान करती हैं। उन्होंने कहा, “हम एक दूसरे का काफी सम्मान करते हैं। मिताली ने भारतीय टीम के लिए जो भी किया है वह काबिले तारीफ है। वह कई युवा बल्लेबाजों के लिए आदर्श है, जिस तरह से उन्होंने टीम का नेतृत्व किया है वह बेहतरीन है। वैसे हम दोनों की कप्तानी का तरीका काफी अलग है क्योंकि भारत में क्रिकेट की बुनियादी सुविधाएं बेहतर हैं। वहां के खिलाड़ी जब टीम आने से पहले ही काफी परिपक्व होते हैं। पाकिस्तान टीम में हमें खिलाड़ियों पर काफी काम करना पड़ता है लेकिन मुझे यकीन है कि मिताली भी अपने खिलाड़ियों पर काफी मेहनत करती होंगी।” [ये भी पढ़ें: विश्व रिकॉर्ड बनाने से पहले यूं नजर आईं कप्तान मिताली राज]

कुछ दिन पहले मिताली ने कहा था कि वह बल्लेबाजी करने से पहले किताब पढ़ती हैं, उनका एस वीडियो भी सामने आया था जिसमें वह बल्लेबाजी करने से ठीक पहले किताब पढ़ती दिख रही थी। इस बारे में पूछे जाने पर सना ने हंसते हुए कहा, “हर किसी की शख्सियत अलग होती है। मैं भी किताबें पढ़ती हूं लेकिन बल्लेबाजी करने जाने से पहले तो बिल्कुल नहीं। मेरे अपने तरीके हैं, मैं कभी प्रार्थना करती हूं या जो भी मुझे अच्छा लगता है।” इन दोनों ही खिलाड़ियों में चाहे जितने फर्क हों लेकिन दोनों जिस तरह महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाने के काम कर रही हैं वह बेमिसाल है।