ICC World cup 2019: Gautam Gambhir says I feel bad for Ambati Rayudu
Ambati rayudu @IANS

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को लगता है कि महज तीन असफलताओं के बाद अंबाती रायडू को भारत की विश्व कप टीम से बाहर किया जाना दुखद है। रिषभ पंत को जगह नहीं मिलने पर कोई बहस नहीं होनी चाहिए क्योंकि उन्होंने मिले मौकों का फायदा नहीं उठाया।

अनुभवी दिनेश कार्तिक को पंत पर तरजीह दिए जाने की सुनील गावस्कर ने आलोचना की थी और इसे हैरानी भरा फैसला करार दिया था।

पढ़ें:- विश्व कप टीम में नहीं चुने जाने पर अंबाती रायडू ने किया तंज भरा ट्वीट

गंभीर ने कहा कि रायडू का सोमवार को घोषित टीम में जगह नहीं बना पाना सबसे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मंगलवार को कहा, ‘‘मुझे लगता है कि रिषभ पंत को बाहर किए जाने पर कोई बहस नहीं होनी चाहिए, पर अंबाती रायडू का बाहर होना चर्चा का विषय है। ’’

गंभीर ने कहा, ‘‘यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि सफेद गेंद के क्रिकेट में 48 के औसत वाले खिलाड़ी को जो केवल 33 साल के हैं, उन्हें टीम में जगह नहीं दी गई। चयन में किसी अन्य फैसले से ज्यादा दुखद मेरे लिए यही है।’’

पढ़ें:- ICC World Cup 2019: इंग्‍लैंड जाने वाले भारतीय स्‍क्‍वाड के बारे में जानें

कुछ महीने पहले रायडू को कप्तान विराट कोहली द्वारा चौथे नंबर के लिए भारत की पहली पसंद बताया जा रहा था लेकिन पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज में कम स्कोर ने चयनकर्ताओं को पुनर्विचार के लिए मजबूर कर दिया।

गंभीर को वेस्टइंडीज में हुए 2007 विश्व कप के लिए नहीं चुना गया था और तब वह खेल को छोड़ने पर विचार करने लगे थे। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उनके लिए दुख होता है क्योंकि मैं भी 2007 में इसी तरह की स्थिति में था, जब चयनकर्ताओं ने मुझे नहीं चुना था और मैं जानता हूं कि विश्व कप के लिए नहीं चुना जाना कितना मुश्किल होता है। आखिरकार हर किसी युवा खिलाड़ी के लिए यह बचपन का सपना होता है कि वह इस बड़े टूर्नामेंट का हिस्सा बने। इसलिए मुझे किसी अन्य क्रिकेटर से ज्यादा रायडू के लिए दुख हो रहा है जिन्हें नहीं चुना गया। ’’

पढ़ें:- रिषभ पंत ने विश्‍व कप टीम में लगभग जगह बना ही ली थी: मुख्‍य चयनकर्ता

वह पंत के प्रथम श्रेणी क्रिकेट के पहले कप्तान रह चुके हैं और उन्हें लगता है कि उनके नहीं चुने जाने को करारा झटका नहीं कहा जा सकता क्योंकि उनको जो मौके दिए गए, उन्होंने उसका फायदा नहीं उठाया। गंभीर ने कहा, ‘‘यह बिलकुल भी करारा झटका नहीं है। यह झटका क्यों है ? वह लगातार सफेद गेंद के क्रिकेट का हिस्सा नहीं रहे हैं। उन्हें अपने मौके मिले लेकिन दुर्भाग्य से वह इनका फायदा नहीं उठा सके। इसलिए इसे झटका नहीं कहा जा सकता। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘आपके पास अभी उम्र है, शानदार प्रदर्शन करते रहो। उसे इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचना चाहिए। ’’

कार्तिक के चयन पर उन्हें लगता है कि वह लगातार वनडे में दूसरे विकेटकीपर के विकल्प में रहे हैं और अनुभव के अलावा यह बात भी उनके पक्ष में गई। उन्होंने कहा, ‘‘दिनेश लंबे समय तक सफेद गेंद के क्रिकेट में विकेटकीपर रहे हैं। शायद उन्हें पंत की तुलना में बेहतर विकेटकीपर के तौर पर देखा गया हो जैसा कि मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने कहा। उन्हें भी बेहतर फिनिशर माना जाता है। शायद उन्हें यही लगता है। ’’

गंभीर ने कहा, ‘‘लेकिन अगर आप मुझसे पूछोगे तो मैंने कहा था कि मेरा दूसरा विकेटकीपर संजू सैमसन है क्योंकि मुझे लगता है कि वह अभी सर्वश्रेष्ठ में से एक है। उसमें लंबे समय से नंबर चार पर खेलने की काबिलियत है। ’’