कोविड- 19 (Covid- 19) के चलते इन दिनों खेल की दुनिया भी काफी प्रभावित हुई है. खिलाड़ियों को जैव सुरक्षित बबल (Bio Secure Bubble) में रहकर अपना खेल खेलना पड़ रहा है. एक साथ खेलने से पहले उन्हें निर्धारित समय तक क्वॉरंटीन में रहना होता है. ऐसे में आईसीसी (ICC) ने टीमों की चिंता को समझकर बड़े टूर्नामेंटों में 7 अतिरिक्त खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को ले जाने की छूट दे दी है. इसका मतलब है कि जून में इंग्लैंड में होने वाली वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (ICC World Test Championship 2021) में भारत और न्यूजीलैंड की टीमें 30-30 सदस्यों के साथ यहां पहुंच सकेंगी.

आईसीसी बोर्ड ने अपनी सिलसिलेवार वर्चुअल मीटिंग के बाद यह फैसला लिया. आईसीसी ने एक बयान में बताया, ‘आईसीसी बोर्ड ने सदस्यों को सीनियर टूर्नामेंटों में 7 अतिरिक्त खिलाड़ियों या सहयोगी स्टाफ को शामिल करने की अनुमति दे दी, जहां क्वॉरंटीन जरूरी है और टीमों को जैव सुरक्षित बबल में रहना है.’

इस वर्चुअल मीटिंग में भारत में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup 2021) पर भी चर्चा की गई. यहां इस टूर्नामेंट के मद्देनजर टैक्स मैनेजमेंट और वीजा गारंटी पर बात हुई, जिस पर आईसीसी ने उम्मीद जताई कि उसे उम्मीद है कि अगले महीने तक इस मामले को सुलझा लिया जाएगा. उसने कहा कि बीसीसीआई से उसे ताजा जानकारी मिली है कि भारत सरकार के साथ इस संबंध में सार्थक बातचीत हुई है.

महिला क्रिकेट को लेकर आईसीसी ने महिलाओं के एक वनडे क्रिकेट में खेल के नियमों में दो बदलाव किए हैं. आईसीसी ने कहा, ‘5 ओवर का बल्लेबाजी पावरप्ले हटा दिया गया और अब सभी टाई मैचों का फैसला सुपर ओवर से होगा.’ पूर्णकालिक सदस्य महिला टीमों को स्थाई टेस्ट और वनडे दर्जा देने का भी फैसला किया गया. इसके अलावा बर्मिंगम 2022 कॉमनवेल्थ खेलों में सभी मैच महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच होंगे.

बोर्ड ने पहला महिला अंडर 19 वर्ल्ड कप स्थगित करने का भी फैसला लिया है, जो इस साल के आखिर में बांग्लादेश में होना था. बयान में कहा गया, ‘कोरोना महामारी (Coronavirus) का कई देशों में अंडर 19 कार्यक्रम पर असर पड़ा है और टीमें वर्ल्ड कप की तैयारी नहीं कर सकी हैं. ऐसे में अब पहला महिला अंडर 19 वर्ल्ड कप जनवरी 2023 में होगा.’

इनपुट: भाषा