अगर दोनों टीमें सहमत हो... टेस्ट में पिंक बॉल के ट्रायल का गौतम गंभीर ने किया समर्थन
टीम इंडिया के हेड कोच ने कहा, एक ही मैच के दौरान लाल गेंद से गुलाबी गेंद में बदलाव खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में जगह दांव पर होने की स्थिति में खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुरूप ढलना होगा.
Published On Jun 05, 2026, 05:12 PM IST
Last UpdatedJun 05, 2026, 05:12 PM IST
Gautam Gambhir
आईसीसी ने सामान्य टेस्ट मैचों में दोनों टीमों की सहमति होने पर गुलाबी गेंद के ट्रायल का फैसला लिया है, ताकि खराब रोशनी की आशंका होने पर अधिक से अधिक खेल संभव हो सके. टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने आईसीसी के फैसले का समर्थन किया. गंभीर ने कहा कि इससे मैच का परिणाम हासिल करने का मौका मिलेगा.
यह पता चला है कि मैच की शुरुआत पारंपरिक लाल गेंद से होगी, लेकिन अगर रोशनी की समस्या उत्पन्न होती है तो फ्लडलाइट (दुधिया रोशनी) में गुलाबी गेंद का उपयोग किया जाएगा, जिससे उन ओवरों की भरपाई की जा सके.
मैच का परिणाम निकालने का अवसर: गंभीर
गंभीर ने अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच से पहले कहा, मुझे यह फैसला पसंद है, मेरा हमेशा से मानना रहा है कि अगर मैच का परिणाम निकालने का अवसर मौजूद है तो उसे हर हाल में किया जाना चाहिए।”
एक अक्टूबर से लागू होगा नया नियम
यह नया नियम एक अक्टूबर से लागू होगा. गंभीर के समर्थन के पीछे एक व्यवहारिक कारण भी है, भारत को फरवरी-मार्च में घरेलू मैदान पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेलनी है. सीरीज का तीसरा टेस्ट गुवाहाटी और अंतिम टेस्ट रांची में प्रस्तावित है. देश के पूर्वी क्षेत्र के इन शहरों में सूर्यास्त अपेक्षाकृत जल्दी होने के कारण खेल के ओवर प्रभावित हो सकते हैं.
अगर दोनों टीमें सहमत हों तो मैं इसके पक्ष में हूं: गंभीर
गंभीर ने कहा, कल्पना कीजिए कि विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल से पहले आप आखिरी टेस्ट खेल रहे हों और जीत के साथ फाइनल में जगह बनाने की संभावना हो लेकिन खराब रोशनी के कारण मैच का परिणाम ही न निकल पाए, अगर दोनों टीमें सहमत हों और परिणाम निकालने का अवसर मिले, तो मैं इसके पूरी तरह पक्ष में हूं.
खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुरूप ढलना होगा: गंभीर
उन्होंने हालांकि स्वीकार किया कि एक ही मैच के दौरान लाल गेंद से गुलाबी गेंद में बदलाव खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में जगह दांव पर होने की स्थिति में खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुरूप ढलना होगा. उन्होंने कहा, मैं जानता हूं कि खिलाड़ियों के लिए यह बदलाव कुछ कठिन और अनिश्चित हो सकता है, लेकिन सोचिए कि आपने दो वर्षों तक कड़ी मेहनत की हो और फाइनल से पहले आखिरी टेस्ट मैच खेल रहे हों.
आईसीसी का यह सकारात्मक कदम: गंभीर
गंभीर ने कहा, अगर खराब किस्मत के कारण पांच दिनों तक पर्याप्त खेल ही न हो पाए तो उससे बड़ी अनिश्चितता और क्या होगी? मुझे लगता है कि यह एक सकारात्मक कदम है, उम्मीद है कि टीमें भी इसे सकारात्मक दृष्टिकोण से अपनाएंगी.