पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पॉन्टिंग (Ricky Ponting) ने कहा कि अगर गाबा टेस्ट (Gabba Test) हारने के बाद इंग्लैंड 16 दिसंबर से एडिलेड ओवल में शुरू होने वाला दूसरा एशेज टेस्ट नहीं जीत पाता है तो उनकी हालात 2006/07 जैसी हो सकती है। याद दिला दें कि उस सीजन ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के खिलाफ क्लीन स्वीप किया था।

पॉन्टिंग ने कहा कि गाबा में परिस्थितियां उनके लिए सबसे उपयुक्त थीं। इंग्लैंड ने 2021/22 एशेज की शुरुआत शनिवार को पहला टेस्ट नौ विकेट से हारकर की है।

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट वेबसाइट से बातचीत में पॉन्टिंग ने कहा, “ऑस्ट्रेलिया के लिए हालात बेहतर होते जा रहे हैं। वो परिस्थितियां के अनुकुल खेल रहे हैं। गाबा की पिच गति और उछाल भरी थी। लेकिन अब पूरी सीरीज में ऐसी उछाल और गति वाली पिच नहीं मिलेगी। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों ने एडिलेड की पिच पर पिछली पर बार अच्छी गेंदबाजी की थी।”

उन्होंने कहा, “अगर इंग्लैंड एडिलेड टेस्ट नहीं जीतते हैं तो उनकी हालत 2006/07 सीरीज जैसी हो सकती है।”

पॉन्टिंग ने पहले टेस्ट की प्लेइंग इलेवन से जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड के बाहर होने पर नाराजगी जताते हुए कहा, “मैं नहीं समझ नहीं पा रहा हूं कि उन्हें (ब्रॉड और एंडरसन) क्यों बाहर किया गया, अगर वो उन्हें एडिलेड के लिए तैयार नहीं करते है तो मैं अभी भी बात पर कायम रहूंगा। वहीं, एडिलेड में दोनों में किसी एक का खेलना जरूरी होगा।”

उन्होंने कहा, “अगर जॉश हेजलवुड चोट के कारण एडिलेड टेस्ट से बाहर हो जाते हैं, तो माइकल नेसर या रिचर्डसन को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है। रिचर्डसन स्पष्ट रूप से स्टार्क की जगह इस टेस्ट को खेलने के बहुत करीब थे। वो शानदार फॉर्म में हैं। मैं नेसर से आगे रिचर्डसन को मौका देना चाहूंगा।”