If I had grown up in Britain, I wouldn’t be alive today: Michael Holding
माइकल होल्डिंग (Twitter)

पूर्व विंडीज तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग ने चौंकाने वाले बयान में कहा कि अगर वो यूके में पले-बढ़े होते तो शायद आज जिंदा नहीं होते। नस्लवाद के खिलाफ खुलकर बोलने वाले होल्डिंग ने माना कि युवावस्था में वो काफी आक्रामक स्वभाव के थे और इसी वजह से उन्हें लगता है कि वो शायद इंग्लैंड में नहीं रह पाते।

होल्डिंग ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि मैं आज जिंदा होता। युवावस्था में काफी उग्र था। 1980 में मैंने गुस्से में न्यूजीलैंड में घास पर लात मार दी थी। ऐसे में क्या आप मुझे उन परिस्थितियों से गुजरता देख सकते हैं, जिससे इबनी गुजरी।”

पूर्व दिग्गज ने द टेलीग्राफ को दिए इंटरव्यू में अपनी साथी कमेंटेटर और पूर्व महिला क्रिकेटर इबनी रेनफोर्ड-ब्रेंट को लेकर चर्चा की जो कि यूके में रहने के दौरान कई मुश्किलों से गुजरी।

उन्होंने कहा, “जमैका में रहते समय मैंने नस्लवाद का सामना नहीं किया। जमैका से निकलने के बाद मैंने हर घड़ी इसे सहा। जब भी मैंने ऐसा कुछ अनुभव किया मैं केवल खुद से ये कहता था कि ‘ये तुम्हारी जिंदगी नहीं, जल्दी तुम घर लौट जाओगे’। और अगर मैंने कभी इसके खिलाफ आवाज उठाई होती तो मेरा करियर इतना लंबा नहीं होता, ना ही मुझे टेलीविजन पर काम मिलता।”

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होल्डिंग ने कहा, “हमने इतिहास में कई बार ये देखा है कि जो अश्वेत लोग अपने हक के लिए खड़े हुए हैं और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई है उन्हें परेशान किया गया है। अगर मैंने कभी कुछ कहा होता तो वो कहते ‘एक और युवा अश्वेत शख्स, इससे छुटकारा पाओ’, मैं कचरे के ढेर में पड़ा दूसरा शख्स होता।”

वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर जल्द ही नस्लवाद पर एक किताब रिलीज करने जा रहे हैं जिसका नाम “Why We Kneel, How We Rise” हैं।