add cricketcountry as a Preferred Source
Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source
×

सचिन-गांगुली से अलग खुद की पहचान बनाने के लिए सहवाग ने अपनाया था ये तरीका

वीरेंद्र सहवाग ने अपनी खास बैटिंग स्टाइल को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि अगर मैं भी 150-200 गेंदों में शतक बनाता तो कोई भी मुझे याद नहीं रखता।

user-circle cricketcountry.com Written by Vanson Soral
Last Published on - May 17, 2022 5:39 PM IST

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग की गिनती क्रिकेट इतिहास के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में होती है। क्रिकेट के मैदान पर सहवाग की बल्लेबाजी से हर गेंदबाज खौफ खाता था। रिटायरमेंट के बाद सहवाग भले ही मैदान पर चौकों-छक्कों की बरसात न करते हों लेकिन अपने तेज-तर्रार बयानों से लगातार सुर्खियों में बने रहते हैं। सहवाग ने अपनी बल्लेबाजी के खास स्टाइल को लेकर अब बड़ा बयान दिया है और बताया है कि क्यों वो इतने तेजी से रन बनाना पसंद करते थे।

सहवाग ने स्पोर्ट्स 189 के शो होम ऑफ हीरोज में कहा, “सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली 150-200 गेंदों में अपना शतक पूरा करते थे। अगर मैं भी इतनी ही गेंदों में शतक जड़ता तो कोई भी मुझे याद नहीं रखता। यही वजह है कि मैं अपनी अलग पहचान बनाने के लिए इन सभी से तेज रन बनाता था।”

Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source

सहवाग ने यह भी खुलासा किया कि लक्ष्य ने उन्हें कभी भी पैडल से अपना पैर हटाने से कभी नहीं रोका। सहवाग कहते हैं, “मैंने हमेशा सोचा था कि अगर मैं दिन के अंत तक रुका रहा, तो मुझे 250 रन बनाने चाहिए और इस तरह मुझे 100, 150, 200 रन बनाने होंगे। तो नब्बे के दशक में गेंद को बाउंड्री के पार मारने का कोई दबाव नहीं था क्योंकि मेरा लक्ष्य 100 रन पर रुकना नहीं था।”

सहवाग ने आगे पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर पर भी उनके गेंदबाजी एक्शन को लेकर हमला बोला। सहवाग ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘शोएब को मालूम है कि वह अपनी कोहनी को मोड़ते थे, वह यह भी जानते थे कि वह चकिंग करते थे.वरना आईसीसी उन्हें बैन क्यों करता?’