भारत और ऑस्ट्रेलिया (India vs Australia) के बीच खेली जा रही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (Border Gavaskar Trophy) बेहद रोमांचक मोड़ पर खड़ी है. मंगलवार को ब्रिसबेन टेस्ट का आखिरी दिन है और यहां से अभी मैच के तीनों परिणाम संभव है. यह मैच ड्रॉ भी हो सकता है. भारत जीत भी सकता है या यह भी मुमकिन है कि ऑस्ट्रेलिया भारत को हरा दे. पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पॉन्टिंग (Ricky Ponting) इस मैच के ड्रॉ होने पर इसे ऑस्ट्रेलिया की हार मान रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर यह मैच और सीरीज ड्रॉ रहती है तो यह पिछले सीजन (2018-19) की हार से भी बुरा रिजल्ट होगा.

फिलहाल 4 टेस्ट की यह सीरीज 1-1 से बराबरी पर है और इस मैच का परिणाम सीरीज और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर कब्जा तय करेगा. मंगलवार को भारत अगर जीत जाता है तो यह सबसे बेहतर होगा. लेकिन अगर वह ड्रॉ भी खेलता है तो भी बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी पर उसी के पास रहेगी. भारतीय टीम इस पूरी सीरीज के दौरान अपने स्टार खिलाड़ियों की चोट से जूझती दिखी है. इसके अलावा उसके नियमित कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) भी यहां सिर्फ एक टेस्ट मैच के लिए उपलब्ध थे.

इसके बावजूद भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के इस चुनौतीपूर्ण दौरे में अपना जुझारूपन और जज्बा दिखाया है. चौथे और अंतिम टेस्ट मैच में तो टीम इंडिया अपनी दूसरी और तीसरी पंक्ति के गेंदबाजों के साथ खेल रही है. पॉन्टिंग ने क्रिकेट.काम.एयू से कहा, ‘मुझे लगता है कि सीरीज का ड्रॉ होना 2 साल पहले मिली हार से भी बुरा होगा.’

इस पूर्व धाकड़ बल्लेबाज ने कहा, ‘मैं इसी नजरिये से देखता हूं यह जानते हुए कि भारत को सीरीज में 20 खिलाड़ियों में से भी अंतिम एकादश चुनने में कितनी परेशानी हुई. दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलियाई टीम में डेविड वॉर्नर (David Warner) की अंतिम दो मैच में और स्टीव स्मिथ (Steve Smith) की वापसी हुई, जबकि पिछली बार वे टीम में नहीं थे.’

46 वर्षीय पॉन्टिंग ने कहा, ‘सीरीज में बराबरी न केवल हार जैसी होगी बल्कि यह पिछली सीरीज से भी बुरा परिणाम होगा.’ बता दें भारत को गाबा में 5वें और अंतिम दिन जीत के लिए 324 रन और बनाने हैं और उसके सभी 10 विकेट सुरक्षित हैं. पॉन्टिंग ने कहा कि कंगारुओं को जीत के लिए हर संभव कोशिश करनी चाहिए क्योंकि भारत का जुझारूपन निरंतर नहीं बना रहेगा.

उन्होंने कहा, ‘किसी मौके पर भारत का जुझारूपन कमजोर पड़ेगा. वे जैसा कर रहे हैं वैसा करना जारी नहीं रख सकते और मुझे लगता है कि मैच के 5वें दिन ऐसा होगा. सीरीज के आखिरी दिन ड्रॉ के लिए खेलते हुए वे कुछ गलतियां करेंगे. दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया जानता है कि उसे सीरीज जीतने के लिए अपना सब कुछ झोंक देना है.’