निरंजन शाह © Getty Images
निरंजन शाह © Getty Images

बीसीसीआई ने लोढ़ा समिति द्वारा सुझाए गए सुधारों का अध्ययन करने के लिए बनाई गई समिति में निरंजन शाह को शामिल करने का फैसला किया है। 73 साल के शाह को समिति में शामिल करने पर बीसीसीआई के फैसले पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बीच शाह ने अपनी उम्र पर उठ रहे सवालों पर कहा, ”अगर भारत के राष्ट्रपति 70 साल से ज्यादा की उम्र के बाद काम कर सकते हैं, तो बीसीसीआई के अधिकारी इस उम्र के बाद काम क्यों नहीं कर सकते।” ये भी पढ़ें: गौतम गंभीर से झगड़े पर मनोज तिवारी का बड़ा बयान

बीसीसीआई ने 7 सदस्यीय समिति में शाह को विशेष रूप से शामिल किया है। शाह ने कहा, ”मुझे ये समझ नहीं आ रहा कि बीसीसीआई अधिकारियों की उम्र को लेकर इतनी हाय तौबा क्यों मची हुई है। अगर हमारे देश के राष्ट्रपति (81 साल) 70 की उम्र के बाद भी काम कर सकते हैं, तो बीसीसीआई के अधिकारी क्यों नहीं कर सकते। मेरा मानना है कि जब तक आप फिट हैं और काम करने लायक हैं तब तक आपको काम करते रहना चाहिए।”

शाह ने आगे कहा, ”मुझे लगता है कि मेरा अनुभव समिति के काम आएगा और इसलिए मुझे बुलाया गया है।” पिछले दिनों मुंबई मे हुई विशेष बैठक में बोर्ड ने लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर काम करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है जो बैठक की रिपोर्ट 10 जुलाई तक देगी। बीसीसीआई ने मंगलवार को राजीव शुक्ला (अध्यक्ष), सौरव गांगुली, टीसी मैथ्यू, नबा भट्टाचार्यजी, जे शाह, अनिरुद्ध चौधरी (बीसीसीआई कोषाध्यक्ष) और अमिताभ चौधरी (अभिनय सचिव, बीसीसीआई और संयोजक) शामिल सात सदस्यीय विशेष समिति का गठन किया है, अब इसमें निरंजन शाह को भी शामिल कर लिया गया है।