If low profile player indulge in such activity, he would have got warning from referee, says Sanjay Manjrekar
Virat Kohli and Tim Paine @ Twitter

पर्थ टेस्‍ट के चौथे दिन भारतीय कप्‍तान विराट कोहली और ऑस्‍ट्रेलिया के कप्‍तान टिम पेन के बीच मैदान पर तकरार साफ देखने को मिली। मैच के तीसरे दिन भी दोनों खिलाड़ियों के बीच हल्‍की नोकझोक देखने को मिली थी।

भारतीय टीम पूर्व खिलाड़ी संजय मांजरेकर मैदान पर विराट कोहली के व्‍यवहार से खासे नाराज हैं। कमेंट्री के दौरान उन्‍होंने कहा कि विराट जैसे बड़े खिलाड़ी को इस तरह की चीजों का हिस्‍सा नहीं बनना चाहिए। हालांकि कमेंट्री पैनल में मौजूद ऑस्‍ट्रेलिया के पूर्व कप्‍तान माइकल क्‍लार्क संजय मांजरेकर से इत्‍तेफाक नहीं रखते हैं।

मैच के चौथे दिन लंच ब्रेक की कमेंट्री के दौरान संजय मांजरेकर और क्‍लार्क प्रसारण कर रहे चैनल सोनी- 6 के पैनल में थे। मांजरेकर ने कहा, “ऑनफील्‍ड व्‍यवहार के कारण भारतीय कप्‍तान अपनी महानता को हल्‍का कर रहे हैं। टिम पेन के साथ उनकी भिड़ंत की घटना नहीं होनी चाहिए थी।”

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उन्‍होंने कहा कि विराट कोहली एक चैंपियन खिलाड़ी है। उन्‍होंने काफी रन बनाकर खुद को साबित किया है। इस टेस्‍ट मैच और इस टेस्‍ट सीरीज के दौरान कोई खिलाड़ी जो सबसे ज्‍यादा उग्र नजर आया है तो वो है भारतीय कप्‍तान विराट कोहली। इस तरह के व्‍यवहार के बिना भी वो मैदान पर अच्‍छे रन बना सकते हैं

पहली पारी में आउट होने के बावजूद कोहली के मैदान पर रहने पर मांजरेकर ने कहा, “विराट कोहली एक ब्रांड है। इसीलिए वो बहुत सी चीजों से बच जाते हैं। बहुत से लोगों ने आउट होने के बाद उनके व्‍यवहार पर कुछ नहीं कहा होगा। अगर अन्‍य कोई लो प्रोफाइल खिलाड़ी होता तो जरूर उसे इसपर मैच रेफरी से चेतावनी मिलती।”

मांजरेकर ने कहा, “आउट होने के बाद वापस जाते वक्‍त हमने विराट के व्‍यवहार को लेकर अधिकारियों से कुछ नहीं सुना। अगर आप विराट के व्‍यवहार पर नजर डालें तो पाएंगे कि वो निर्णय से असंतुष्‍ट होने पर फैन्‍स के बीच में ही कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे थे। विराट एक ब्रांड है और उन्‍हें ये शोभा नहीं देता।”

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संजय मांजरेकर ने पर्थ टेस्‍ट में 25वां शतक लगाने के बाद विराट की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्‍होंने कहा, “दूसरे तरीके से भी रन बनाए जा सकते हैं। राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर ने ये करके दिखाया है। विराट जिस तरह से बल्‍लेबाजी करता है वो मुझे काफी पसंद है, लेकिन बल्‍लेबाजी के अलावा वो जो कुछ भी मैदान पर करते हैं मैं उसके लिए उनका फैन नहीं हूं।”

“शतक लगाने के बाद जिस तरह से उन्‍होंने मैदान पर इसका जश्‍न मनाया उसकी कोई जरूरत नहीं थी। विराट की बल्‍लेबाजी पर कोई शक नहीं कर रहा है। हर बात का जवाब विराट को अपने बल्‍ले से ही देना चाहिए।

माइकल क्‍लार्क को विराट के व्‍यवहार में कुछ भी गलत नहीं लगा। क्‍लार्क ने कहा, “मुझे लगता है कि विराट का व्‍यवहार ठीक है। मैंने विराट के खिलाफ क्रिकेट खेला है। मुझे लगता है कि विराट का जो रवैया आपने अभी देखा है, ये वही है जो वो बल्‍लेबाजी के दौरान भी अपनाता है।”

“आप नहीं कह सकते कि हम विराट को शतक मारते हुए देखना चाहते हैं या हम उसे मैदान पर उग्र देखना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि वो विरोधी टीम के खिलाफ खड़ा हो। मैं डेविड वार्नर और सौरव गांगुली जैसे खिलाड़ियों के लिए भी इस तरह की बातचीत का हिस्‍सा बन चुका हूं। सौरव एक अविश्‍वसनीय कप्‍तान है जो अपने खिलाड़ियों के लिए खड़ा होता है।”