If Rohit Sharma does well in Australia, it will be difficult to ignore split captaincy, says Shoaib Akhtar
रोहित शर्मा (IANS)

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) के 13वें सीजन के फाइनल मुकाबले में मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) को पांचवां खिताब जिताने के बाद रोहित शर्मा (Rohit Sharma) को सीमित ओवर फॉर्मेट में भारतीय राष्ट्रीय टीम का कप्तान बनाए जाने की मांग हो रही है। और अब भारतीय फैंस और समीक्षकों के साथ पूर्व पाकिस्तानी दिग्गज शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) ने भी टीम इंडिया के लिए अलग फॉर्मेट-अलग कप्तान नीति की बात कही है।

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज का कहना है ऑस्ट्रेलिया में विराट कोहली की गैरमौजूदगी में जब रोहित शर्मा भारतीय टेस्ट टीम की अगुआई करेंगे तो उनके पास सीमित ओवर फॉर्मेट में कप्तानी का दावा मजबूत करने का ‘सर्वश्रेष्ठ मौका’ होगा।

हालांकि कोहली की मौजूदगी में उप कप्तान अजिंक्य रहाणे टीम इंडिया की अगुवाई करेंगे लेकिन अख्तर को लगता है कि एडीलेड ओवल में पहले टेस्ट के बाद रोहित को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। भारतीय कप्तान कोहली पहले टेस्ट बाद अपने पहले बच्चे के जन्म के लिए स्वदेश लौट जाएंगे।

कोहली की गैरमौजूदगी में भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी के बारे में पूछने पर अख्तर ने पीटीआई से कहा, ‘‘इस पर मेरा रुख बेहद साफ है। जितना मुझे पता है तो विराट टीम को आगे ले जाने के लिए बेताब है। ये इस पर निर्भर करता है कि वो कितनी थकान महसूस कर रहा है। वो 2010 से लगातार खेल रहा है, उसने 70 शतक और ढेरों रन बनाए हैं। अगर वो थकान महसूस कर रहा है तो फिर उसे एक फॉर्मेट (प्राथमिक रूप से टी20 में) में नेतृत्व भूमिका रोहित को देने पर विचार करना चाहिए।’’

अख्तर ने कहा, ‘‘आईपीएल में मुझे उसके चेहरे पर नीरसता नजर आ रही थी, ये शायद जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में रहने के कारण था, वो थोड़ा तनाव में लग रहा था। ये सब इस पर निर्भर करेगा कि वो कैसा महसूस कर रहा है। रोहित पिछले कुछ समय से कप्तानी के लिए तैयार है।’’

ये सीरीज विदेशी हालात में सलामी बल्लेबाज के रूप में रोहित की पहली सीरीज होगी और उनके सामने पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क और जॉश हेजलवुड जैसे तेज गेंदबाजों का सामना करने की मुश्किल चुनौती होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘रोहित भारत के महानतम बल्लेबाजों में से एक है। अब वो अपनी प्रतिभा की असली कीमत समझते हैं।ऑस्ट्रेलिया में कप्तान के रूप में खुद को साबित करने का उसके पास सर्वश्रेष्ठ मौका होगा। वो दोनों हाथों से इस मौके का फायदा उठाने की कोशिश करेगा। उसमें टीम की अगुआई करने की प्रतिभा और क्षमता है। ये भारत के लिए मुश्किल चुनौती होगी।’’