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अगर सुनील गावस्कर टी-20 खेलते... दिग्गज कपिल देव ने क्या कहा ?

दिग्गज खिलाड़ी ने कहा, जिन बल्लेबाजों का डिफेंस मजबूत होता है, उनके पास अतिरिक्त समय होता है, इसी वजह से वे हर फॉर्मेट में बेहतर कर सकते हैं.

user-circle cricketcountry.com Written by Akhilesh Tripathi
Last Updated on - December 19, 2025 6:07 PM IST

Kapil Dev on Sunil Gavaskar: सुनील गावस्कर की गिनती दुनिया के महान बल्लेबाजों में की जाती है. भारतीय दिग्गज सुनील गावस्कर ने टेस्ट क्रिकेट में 34 शतक के साथ 51. 12 की शानदार औसत के साथ 10122 रन बनाए थे. अपने जमाने के मशहूर बल्लेबाज सुनील गावस्कर को लेकर पूर्व दिग्गज कपिल देव ने बड़ा बयान दिया है. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि सुनील गावस्कर अगर आज के दौर में होते तो टी20 फॉर्मेट के भी श्रेष्ठ बल्लेबाज होते.

कपिल देव ने कहा, सुनील गावस्कर अगर इस दौर में खेलते, तो टी20 के भी श्रेष्ठ बल्लेबाज होते, जिस बल्लेबाज का डिफेंस मजबूत है, उसके लिए बड़े शॉट लगाना मुश्किल नहीं है, डिफेंस करना मुश्किल है जबकि बड़े शॉट लगाना आसान है. उन्होंने कहा कि जिन बल्लेबाजों का डिफेंस मजबूत होता है, उनके पास अतिरिक्त समय होता है, इसी वजह से वे हर फॉर्मेट में बेहतर कर सकते हैं.

क्रिकेट में पसंदीदा भूमिका पर कपिल देव ने कहा कि उन्हें सिर्फ क्रिकेट खेलने में आनंद आता है, बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी, सब मजेदार हैं,आप जडेजा को देखिए, वो क्षेत्ररक्षण का आनंद लेता है, मुझे क्रिकेट में हर चीज पसंद है.

‘नए लोग नई सोच के साथ आ रहे हैं’

युवाओं पर अपनी राय रखते हुए पूर्व कप्तान ने कहा, प्रतिभावान लोग बात करते हैं,बुद्धिमान लोग सुनते हैं, हमें सुनना चाहिए,नए लोग नई सोच के साथ आ रहे हैं, उन्हें फ्री माइंड से सुनने की आदत डालनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि अगर हममें सुनने की आदत नहीं होती, तो शायद दुनिया वहां नहीं होती, जहां आज है, युवा काफी प्रतिभावान हैं और हमसे बेहतर हैं, लेकिन हमारे पास अनुभव है और इसे वे हमसे अलग नहीं कर सकते, हमें युवाओं का खुले दिल से स्वागत करना चाहिए.

कार्यक्रम में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान मिताली राज भी मौजूद थीं. उन्होंने मैच के दौरान किताब पढ़ने की अपनी आदत का जिक्र करते हुए कहा कि इससे हमें पता नहीं चलता कि आस-पास क्या हो रहा है, या फिर कोई बल्लेबाज कैसे आउट होता है, इसका भी पता नहीं चलता और न ही दबाव बनता है, किताब पढ़ना अच्छी बात है. अपनी कप्तानी के दौर को याद करते हुए मिताली ने कहा, मैंने कभी मैदान पर या ड्रेसिंग रूम में अपना आपा नहीं खोया, किसी भी मुद्दे पर बात टीम की बैठक में होती थी.

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INPUT- IANS