If we lacked vision, Hardik and Jasprit wouldn’t have played Test cricket says MSK Prasad
Jasprit Bumrah@AFP

भारत की वर्तमान चयनसमिति पर दूरदर्शी नहीं होने के आरोप लगते रहे हैं। चयनसमिति के अध्यक्ष एमएसके प्रसाद ने इसपर जवाब दिया है। प्रसाद ने कहा अगर ऐसा होता तो जसप्रीत बुमराह टेस्ट स्तर पर शानदार प्रदर्शन नहीं कर पाते और हार्दिक पांड्या जैसा खिलाड़ी टी20 से उभरकर टेस्ट क्रिकेटर नहीं बन पाता।

प्रसाद ने पीटीआई को दिए साक्षात्कार में बुमराह और पांड्या की सफलता पर बात की जिन्हें पहले टी20 विशेषज्ञ माना जाता था। इसके अलावा उन्होंने खेल के छोटे फॉर्मेट में कलाईयों के दो युवा स्पिनर्स को उतारने पर बात की।

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आलोचकों का मानना है कि चयनसमिति में दूरदर्शिता की कमी है लेकिन प्रसाद ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘अगर समिति में दूरदर्शिता की कमी होती तो फिर जिस जसप्रीत बुमराह को केवल सीमित ओवर्स का क्रिकेटर माना जाता था वह कैसे टेस्ट क्रिकेट में आ पाते और वह आईसीसी रैंकिंग में नंबर एक टेस्ट गेंदबाज बने।’’

प्रसाद ने कहा, ‘‘यदि हम दूरदर्शी नहीं थे तो फिर हार्दिक पांड्या कैसे सभी फॉर्मेट में ऑलराउंडर की भूमिका बखूबी निभाते जबकि पहले उन्हें भी केवल टी20 खिलाड़ी माना गया था।’’

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चयनसमिति के अध्यक्ष ने इस संबंध में कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल का भी उदाहरण दिया जिन्हें रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा जैसे स्थापित स्पिनर्स की मौजूदगी के बावजूद सीमित ओवर्स की टीम में रखा गया।

प्रसाद ने कहा, ‘‘इसी समिति ने कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल को आगे बढ़ाया जबकि सीमित ओवर्स की टीम में हमारे पास अन्य स्थापित स्पिनर थे।’’