ऑस्ट्रेलियाई पेस अटैक की शान पैट कमिंस (Pat Cummins) ने यह स्वीकार किया है कि दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग आईपीएल (IPL) में जब किसी खिलाड़ी पर मोटी रकम लगाई जाती है तो इससे उन पर दबाव भी बढ़ता है. कमिंस ने कहा कि इस दवाब का सबसे बड़ा कारण यह होता है कि किसी खिलाड़ी ज्यादा पैसा बरसने से उसके बेहतर प्रदर्शन की गारंटी नहीं मिलती.

कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने 2019 की नीलामी में इस खिलाड़ी के लिए 15.50 करोड़ रुपये की बोली लगा कर अपने खेमे में किया था. अब कमिंस इस लीग के सबसे महंगे खिलाड़ियों में से एक हैं. कमिंस ने कहा कि पेशेवर क्रिकेट में खिलाड़ियों पर बेहतर प्रदर्शन का दबाव होता हैं.

यह तेज गेंदबाज अपनी आईपीएल फ्रैंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के अधिकारिक यूट्यूब वीडियों में खिलाड़ियों के खेल और उन पर नीलामी में लगने वाले पैसों पर चर्चा कर रहा था. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘आप कहीं पर भी पेशेवर क्रिकेट खेलें, आप पर काफी दबाव रहता है. अगर आप अच्छा प्रदर्शन कर के मैदान पर उतरते हैं तो उसे फिर से दोहराने का दबाव होता है. और अगर आप खराब प्रदर्शन कर के लौटे हैं तो आप पर बेहतर करने का दबाव होगा.’

उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि नीलामी से अलग तरह का दबाव आता है. हम इससे सामंजस्य बैठाने की कोशिश करते हैं. आप को अधिक पैसे में खरीदा गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि गेंद अचानक अधिक स्विंग करने लगेगी या विकेट अचानक से ज्यादा घास वाली हो जाएगी या बाउंड्री लाइन बड़ी हो जाएगी.’ कमिंस ने पिछले सत्र में 14 मैचों में 12 विकेट लिए थे और इस दौरान उनका इकॉनमी रेट 7.86 का था. उनकी टीम प्लेऑफ में क्वॉलीफाई करने से चूक गई थी.

हाल ही में इस साल के लिए हुई नीलामी में क्रिस मॉरिस सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बने हैं. साउथ अफ्रीका के ऑलरांडर खिलाड़ी मॉरिस को राजस्थान रॉयल्स (RR) ने 16.25 करोड़ रुपये में खरीदा है. उन्होंने कहा, ‘मैं उस पर ध्यान देने की कोशिश कर रहा था जो मेरे नियंत्रण में था. मुझे लगता है इसी से मुझे और केकेआर को सफलता मिल सकती है.

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