डेविड वॉर्नर  © Getty
डेविड वॉर्नर © Getty

इंदौर। बांग्लादेश का हाल का दौरा हो या फिर भारत के खिलाफ पहले दो वनडे, स्पिनर फिर से ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी कमजोरी बनकर उभरे हैं लेकिन सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर ने आज यहां कहा कि अगर उनके शीर्ष क्रम के बल्लेबाज टीम को अच्छी शुरूआत देते हैं तो फिर उन्हें धीमी गति के गेंदबाजों को खेलने में दिक्कत नहीं होगी।

भारत के दोनों स्पिनर युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव ने आस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को काफी परेशान किया जिससे भारत पांच मैचों की श्रृंखला में 2—0 की बढ़त हासिल करने में सफल रहा।

वॉर्नर ने होलकर स्टेडियम में होने वाले तीसरे वनडे की पूर्व संध्या पर संवाददाताओं से कहा, ‘मुझे लगता है कि हमारे खिलाड़ी उन्हें (स्पिनरों को) समझ सकते हैं। हमें उनके खिलाफ रणनीति बनाने की जरूरत है। जब आप लगातार विकेट गंवाते हो तो फिर आप दबाव में आ जाते हो। अगर आपको अच्छी शुरूआत मिलती है और फिर जब स्पिनर आक्रमण पर आएंगे तो स्थिति भिन्न होगी।’ बायें हाथ के इस सलामी बल्लेबाज ने स्वीकार किया कि ऑस्ट्रेलिया की तेज और उछाल वाली पिचों के बाद उपमहाद्वीप की स्पिन पिचों पर खेलना आसान नहीं होता है लेकिन यह बहाना नहीं है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के कई सीनियर बल्लेबाज मसलन स्वयं वॉर्नर, कप्तान स्टीवन स्मिथ, ग्लेन मैक्सवेल नियमित तौर पर आईपीएल में भारत में खेलते रहे हैं।

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उन्होंने कहा, ‘अगर हम तकनीक की बात करें तो फिर जब आप तेज और उछाल वाले विकेट पर खेलकर बड़े हुए हो और ऐसे में जब पहली बार उपमहाद्वीप के दौरे पर आते हो तो सामंजस्य बिठाना मुश्किल होता है लेकिन यदि आप पहले भी यहां खेल चुके हो तो यह कोई बहाना नहीं है।’ वार्नर ने कहा, ‘आपको परिस्थितियों से वाकिफ होना चाहिए। हमें खेल की परिस्थिति के अनुसार खेलना चाहिए कि अगर शुरू में आप दो विकेट गंवा देते हो तो कैसे खेलना है। सीनियर खिलाड़ी जो पहले भी यहां आते रहे हैं उन्हें पता होना चाहिए कि ऐसी परिस्थितियों में कैसे बाउंड्री लगानी है और कैसे स्ट्राइक रोटेट करनी है।’

पहले दोनों मैचों में ऑस्ट्रेलियाई टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गयी और वॉर्नर ने माना कि उनके बल्लेबाजों का अब तक का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक है। वार्नर ने कहा, ‘बल्लेबाजों ने वास्तव में निराश किया। हम जैसा खेलना चाहते थे वैसा नहीं खेल पाये हैं। हमारी मानसिकता रन बनाने और गेंदबाजों को दबाव में लाने की होनी चाहिए। पहले दोनों मैचों में पहले दो ओवरों में खेलना आसान नहीं रहा। सलामी बल्लेबाज होने के नाते शुरू में ही लय हासिल करना आसान नहीं होता है।’

उन्होंने कहा, ‘भारतीयों ने शुरू में बहुत अच्छी गेंदबाजी की और विकेट लिये। हम लंबी साझेदारी नहीं कर पाये। स्टीव स्मिथ ने इस पर बात की थी कि हमें आखिर तक टिके रहने की कोशिश करनी होगी। हमारे पास मार्कस स्टोइनिस को छोड़कर आखिर में कोई बल्लेबाज नहीं बचा था। उसके साथ एक अन्य बल्लेबाज होना चाहिए था।’ आस्ट्रेलियाई टीम पिछले कुछ समय से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पायी है लेकिन वॉर्नर ने कहा कि टीम को जीत की आदत डालनी होगी।

टीम की खराब फॉर्म के बारे में वॉर्नर ने कहा, ‘अगर मेरे पास जवाब होता तो हम जीत रहे होते। हमने कई मैच ऐसे खेले जिनमें बारिश ने व्यवधान डाला लेकिन आखिर में हमें जीत दर्ज करनी चाहिए थी। पिछले 12 महीनों में कई अवसरों पर हमारी बल्लेबाजी बिखर गयी। हमें इस पर काम करना होगा।’ ऑस्ट्रेलियाई टीम पहली बार इंदौर में खेल रही है लेकिन वॉर्नर ने माना कि मैदान कोई भी हो भारत को उसकी सरजमीं पर हराना आसान नहीं होता है।

उन्होंने कहा, ‘हम पहले यहां नहीं खेले हैं। भारत को उसकी सरजमीं पर हराना मुश्किल होता है। विकेट अच्छा है और बाउंड्री छोटी है। हम बल्लेबाजी करें या गेंदबाजी अच्छा प्रदर्शन करना होगा। विकेट अच्छा है। भारत में बल्लेबाजी के अनुकूल विकेट होते हैं और इसलिए अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने का कोई ​बहाना नहीं है। हमें बीच के ओवरों में स्पिनरों के सामने स्ट्राइक रोटेट करनी होगी और कम से कम विकेट गंवाने होंगे।’ ऑस्ट्रेलियाई टीम अभी विश्व चैंपियन है लेकिन वॉर्नर ने कहा कि उस टीम और वर्तमान टीम में काफी अंतर है और काफी खिलाड़ी बदल गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘हम विश्व चैंपियन हैं लेकिन वह दूसरी टीम थी। अब परिस्थितियां बदल गयी हैं। टीम में कुछ बदलाव हुए है। हमें मजबूत टीम तैयार करनी होगी जो 2019 विश्व कप में हमें अनुकूल परिणाम दे। इस पर काम चल रहा है।’