रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के तेज गेंदबाज हर्षल पटेल ने मंगलवार को दिए बयान में बताया कि साल 2018 केइंडियन प्रीमियर लीग नीलामी के दौरान जब फ्रेंचाइजियों ने उन्हें अनदेखा कर दिया था उन्हें काफी अपमानित महसूस हुआ था। हालांकि उसके बाद पटेल ने खुद को और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया, जिसका नतीजा 14वें सीजन में उन्हें मिला।

30 साल के इस ऑलराउंडर को साल 2018 में दिल्ली कैपिटल्स फ्रेंचाइजी ने 20 लाख के बेस प्राइस पर खरीदा था लेकिन उन्हें खेलने के ज्यादा मौके नहीं मिले थे।

वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्हों कहा, “साल 2018 में ज्यादातर लोगों ने मुझमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई और ये बात मुझे दिल पर लगी। मैंने इसे अपना अपमान समझा क्योंकि मैं एक ऐसा मैचविनर खिलाड़ी बनना चाहता था, जिसकी कोई कीमत हो।”

पटेल ने कहा, “तब मुझे एहसास हुआ कि अगर मैं अपनी बल्लेबाजी पर थोड़ा और काम करूं तो लोगों को मेरी बल्लेबाजी पर भरोसा होगा और मैं एक अहम खिलाड़ी बनूंगा। बल्लेबाज ऐसी चीज है जो हमेशा से अच्छी रही है लेकिन मैंने कभी इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया।”

उन्होंने आगे कहा, “लेकिन अगर मैं बल्लेबाजी में आ रही मुश्किलों को पार कर लेता हूं और दबाव भले हालातों में रन बनाता हूं तो मैं खुद को एक अहम ऑलराउंडर के तौर पर साबित कर सकूंगा।”

आईपीएल जैसे बड़े मंच पर खिलाड़ियों पर प्रदर्शन करने के जो दबाव होता है, उस बारे में पटेल ने कहा, “आईपीएल के शुरुआती सीजन में मैं प्रदर्शन को लेकर काफी नर्वस था क्योंकि अगर आपका एक मैच खराब जाता है, चूंकि आप पांचवें गेंदबाज हैं तो आपको ड्रॉप किया जा सकता है।”

पटेल ने आगे कहा, “लेकिन ये मानसिक चीज है, आपको इससे निपटने का तरीका ढूंढना होता है क्योंकि अगर आप इस मानसिकता के साथ खेलेंगे तो आप खुद को खुलकर साबित नहीं कर पाएंगे। हर किसी और अलग तरह से इससे बाहर आना होता है।”