ind vs aus i was inspired by faf du plessis batting of adelaide says r ashwin after sydney test
हनुमा विहारी के साथ R. अश्विन @BCCI Twitter

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत के ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) सिडनी टेस्ट से पहले खेले 2 टेस्ट में बल्लेबाजी में कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए थे. सिडनी टेस्ट की चौथी पारी में टीम इंडिया बैकफुट पर थी और अश्विन ने यहां भारतीय टीम को निराश नहीं किया. उन्होंने हनुमा विहारी (Hanuma Vihari) के साथ मिलकर क्रीज पर ऐसे पांव जमाए की कंगारू टीम इस मैच में जीत से महरूम रह गई. भारत ने इस टेस्ट को ड्रॉ कराकर सीरीज को 1-1 की बराबरी पर रखा है. मैच के बाद इस सीनियर खिलाड़ी ने बताया कि उन्होंने साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान फाफ डु प्लेसिस (Faf Du Plessis) से प्ररेणा ली थी.

अश्विन ने कहा है कि डुप्लेसिस ने 2012 में एडिलेड में साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए मैच को ड्रॉ कराया था. उन्होंने तब 376 गेंदों पर 110 रन बनाए थे और ऑस्ट्रेलिया को जीत से महरूम रखने में अहम भूमिका निभाई थी. अश्विन बीसीसीआई.टीवी से बात कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘मैं अपने आप से कहता रहा कि मैं डु प्लेसिस की तरह निष्क्रिय बल्लेबाजी कर सकता हूं, जैसी उन्होंने एडिलेड में 2012 में की थी. मैं अपने आपको एक शानदार मौका दे सकता हूं.’

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अश्विन ने कहा कि वह अभी तक इस रिजल्ट को कबूल नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि दोनों बल्लेबाज एक दम सुन्न थे. उन्होंने कहा, ‘जैसे रवि भाई कहते हैं, अभी तक समझ नहीं आया. इसलिए हम नहीं कह सकते कि हम कैसा महसूस कर रहे हैं. मैं नहीं बता सकता कि मैं क्या महसूस कर रहा हूं, लेकिन यह काफी खास था. मुझे लगता है कि हम दोनों सुन्न रह गए थे और कुछ देर के लिए हमें पता नहीं था कि क्या हुआ. हमने जश्न भी नहीं मनाया क्योंकि हमें नहीं पता था कि क्या करना है क्योंकि हम हर एक गेंद को खेलने पर फोकस कर रहे थे.’

अश्विन ने कहा कि लियोन का सामना करना आसान था क्योंकि तेज गेंदबाजों को खेलते समय उनकी पीठ में दर्द था. उन्होंने यह भी बताया कि शरीर में दर्द होने के बाद भी वह शॉट्स खेलने क्यों गए.

उन्होंने कहा कि विहारी और मेरे बीच चर्चा एकदम साथ थी. उन्होंने कहा, ‘हम दोनों इस बात पर आश्वस्त नहीं थे कि रन इस समय जरूरी हैं कि नहीं. यह बैटिंग के समय की बात थी. इसलिए हम यही बातचीत कर रहे थे कि अगर हम किसी बॉलर को लेकर सहज रहते तो उसका सामना करते. खासकर मांसपेशियों में खिचाव और पीठ में दर्द रहते हुए. हम अपनी एकाग्रता को खोना नहीं चाहते थे.’

इनपुट : IANS