'बुमराह करियर के अंत में सुपर स्‍टार होंगे, मैं जहीर-श्रीनाथ को अपमानित करना नहीं चाहता लेकिन...'

जसप्रीत बुमराह ऑस्‍ट्रेलिया दौरे पर भारतीय तेज गेंदबाजी क्रम का मजबूत हिस्‍सा हैं.

Edited By : India.com Staff |Nov 15, 2020, 04:00 PM IST

Published On Nov 15, 2020, 04:00 PM IST

Last UpdatedNov 15, 2020, 04:00 PM IST

ऑस्‍ट्रेलिया के दिग्‍गज तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी (Jason Gillespie) ने मौजूदा वक्‍त में भारतीय तेज बैट्री की जमकर तारीफ की. गिलेस्‍पी ने कहा कि जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) आने वाले समय में सभी फॉर्मेट में भारत के सर्वश्रेष्‍ठ गेंदबाज बनने की काबिलियत रखते हैं.

नवंबर के अंत से वनडे सीरीज के साथ भारत के ऑस्‍ट्रेलिया दौरे (India Tour of Australia) की शुरुआत हो जाएगी. भारतीय टीम इस वक्‍त ऑस्‍ट्रेलिया (India vs Australia) पहुंच चुकी है और क्‍वारंटाइन की अवधि पूरी कर रही है. 17 दिसंबर से भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच टेस्‍ट सीरीज की शुरुआत हो रही है, जिसका सभी को इंतजार है.

Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source

जेसन गिलेस्पी (Jason Gillespie) ने कहा, “भारत के सभी तेज गेंदबाज अपने अलग अंदाज में अच्‍छी गेंदबाजी कर रहे हैं. मेरी नजर में भारत का तेज गेंदबाजी क्रम मौजूदा वक्‍त में बीते कुछ सालों की तरह ही शानदार है. इसका ये मतलब नहीं है कि मैं उन गेंदबाजों को अपमानित कर रहा हूं जो इससे पहले आए हैं.”

“जसप्रीत बुमराह जब अपना करियर खत्‍म करेंगे तो वो एक सुपरस्‍टार होंगे. सभी फॉर्मेट में वो महानतम क्रिकेटर्स में गिने जाएंगे. मोहम्‍मद शमी बेहद शानदार हैं. इशांत शर्मा ने ये बताया है कि उनकी स्‍वीकार्यता काफी अधिक है. उनके करियर में कुछ उतार चढ़ाव रहे हैं लेकिन इसके बावजूद उन्‍होंने काफी जूझारूपन दिखाया है.”

जेसन गेलिस्‍पी (Jason Gillespie) ने कहा, “भारत को इस बात पर गर्व होना चाहिए कि कैसे उन्‍होंने अपने तेज गेंदबाजों को संभाला है. फिर आपके पास भुवनेश्‍वर कुमार भी हैं. भुवी फिलहाल चोटिल हैं. उम्‍मीद करता हूं कि वो जल्‍द ही फिट हो जाएंगे. उमेश यादव भी पेस बैट्री की विविधता को बढ़ाते हैं.

जहीर-श्रीनाथ शानदार थे लेकिन…

“जब हम खेला करते थे तब जवगल श्रीनाथ और जहीर खान एंड कंपनी निजी तौर पर काफी अच्‍छा प्रदर्शन करते थे लेकिन भारत के तेज गेंदबाजी क्रम में कुल मिलाकर गहराई की कमी थी.”

उस दौर की आज के दौर से तुलना करना बेहद मुश्किल है. दोनों दौर के तेज गेंदबाजों में सबसे बड़ा अंतर यही है कि उस वक्‍त गहराई नहीं थी और

Editor's Pick