भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले टीम इंडिया के गेंदबाजी अटैक को लेकर काफी बातचीत हो रही थी। क्रिकेट समीक्षकों का कहना था कि जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी वाला पेस अटैक ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित होगा।

हालांकि अभी तक भारतीय गेंदबाजी अटैक मेजबान टीम के शीर्ष बल्लेबाज डेविड वार्नर, एरोन फिंच और स्टीव स्मिथ को रोकने में पूरी तरह नाकाम रही है। वार्नर, फिंच और स्मिथ ने वनडे सीरीज के दोनों मैचों में लगातार अर्धशतकीय पारियां खेली है।

बुमराह और शमी के अलावा युवा तेज गेंदबाज नवदीप सैनी भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में अब तक कुछ खास नहीं कर पाए हैं। वहीं स्पिनर युजवेंद्र चहल और रवींद्र जडेजा भी बेअसर रहे हैं।

पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज इरफान पठान ने भी भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी को हार का कारण बताया।

पठान ने ट्वीट किया, “हमारे गेंदबाजों की गुणवत्ता पर कोई शक नहीं है लेकिन निरंतरता पर है। बात ऑस्ट्रेलिया में सही लेंथ ढूंढने की थी, वो भी जल्दी लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है।”

भारतीय क्रिकेट टीम सिडनी में खेले गए पहले दोनों वनडे मैच हारकर सीरीज 0-2 से गंवा चुकी है। अब सीरीज का आखिरी मैच 2 दिसंबर को कैनबरा में खेला जाना है, जहां टीम इंडिया क्लीन स्वीप से बचने के इरादे से खेलेगी।