ऑस्ट्रेलिया दौरे (India vs Australia) पर गई टीम इंडिया के खेल से पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) बेहद प्रभावित हैं. भारत द्वारा सिडनी टेस्ट ड्रॉ कराने के बाद पाकिस्तान के इस तेज गेंदबाज को पूरा भरोसा है कि टीम इंडिया अब ब्रिसबेन टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को हराकर यह सीरीज अपने नाम करेगी. वैसे भारतीय टीम इस वक्त अपने स्टार खिलाड़ियों की चोटों से जूझ रही है लेकिन इसके बावजूद अख्तर ने कहा कि टीम इंडिया जिस कैरेक्टर (स्वभाव) को दर्शा रही है वह ब्रिसबेन में मेजबान टीम को पीट देगी.

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (Border Gavaskar Trophy) में 3 टेस्ट के बाद फिलहाल दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर हैं. सीरीज का चौथा और अंतिम मैच निर्णायक होगा, जो ब्रिसबेन के गाबा मैदान पर खेला जाएगा. यह पिच तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है.

टीम इंडिया के खेमे से एक के बाद उसके सभी अनुभवी तेज गेंदबाज चोटिल होकर सीरीज से पहले ही बाहर हो चुके हैं. अब भारतीय टीम को अपने आखिरी मैच में उन तेज गेंदबाजों के साथ यह जंग लड़नी है, जो अपना पहला, दूसरा या तीसरा ही टेस्ट मैच खेल रहे होंगे. इसके बावजूद इस पूर्व तेज गेंदबाज ने यह भरोसा जताया है कि टीम इंडिया कंगारुओं को ब्रिसबेन (Brisbane Test IND vs AUS) के मैदान पर हरा सकती है.

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रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर अख्तर ने कहा, ‘टीम इंडिया को चौथे टेस्ट मैच को लेकर तकलीफें तो बहुत हैं. उसके सभी मुख्य तेज गेंदबाज बाहर हो चुके हैं. लेकिन भारत की बेंच स्ट्रेंथ अगर इस बात को समझे की उसकी टीम ने 3 मैचों तक कड़ा संघर्ष किया है और यह आखिरी पड़ाव है, जहां अब उन्हें अपना दमखम दिखाना है. तो भारत यह मैच और सीरीज अपने नाम कर सकता है.’

अख्तर ने कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि ऐसा होने जा रहा है और यह भारत के टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी जीत होने जा रही है. इस दौरान 45 वर्षीय अख्तर ने भारत के कार्यवाहक कप्तान अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) की भी प्रशंसा की.

उन्होंने कहा कि रहाणे ने टीम को कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों में बखूबी संभाला है और खुद को साबित किया है. उन्होंने सिडनी टेस्ट को ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाने वाले चेतेश्वर पुजारा, रिषभ पंत, हनुमा विहारी और रविचंद्रन अश्विन के खेल की भी जमकर तारीफ की.

अख्तर ने कहा कि इस सीरीज में जब टीम इंडिया पहले टेस्ट मैच में मात्र 36 रन पर ऑल आउट हो गई थी. मुझे तभी भरोसा हो गया था कि यह टीम बाउंस बैक करेगी और ऑस्ट्रेलिया को मुंहतोड़ जवाब देगी. उन्होंने अगले ही टेस्ट में उसे मात दी और फिर सिडनी में पिछड़ने के बाद इस टेस्ट को ड्रॉ कराने में कामयाबी हासिल की. यह भारत का जज्बा है, जो टेस्ट मैच को छोड़ने के लिए कतई तैयार नहीं है.

रावलपिंडी एक्सप्रेस ने कहा यह इस टीम का स्वभाव ही था, जिसने अंत तक अपने पांव जमाए रखे और उसके बल्लेबाजों को ऑस्ट्रेलिया गेंदबाज डराने के मकसद से उनके शरीर पर प्रहार करते रहे लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने हार नहीं मानी. उनका यही स्वभाव उन्हें ब्रिसबेन टेस्ट में जीत का दावेदार बना रहा है.