इंग्लैंड के खिलाफ (IND vs ENG) 5 मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया डरहम में तीन दिवसीय प्रैक्टिस मैच खेल रही है. इस मैच के पहले दिन मिडल ऑर्डर में बल्लेबाजी करने उतरे केएल राहुल (KL Rahul) ने शतक ठोककर टेस्ट टीम में चयन के लिए मजबूती से अपना दावा ठोका है. राहुल करीब दो साल से टेस्ट टीम के प्लेइंग XI में अपनी जगह नहीं बना पाए हैं. यहां काउंटी सिलेक्ट XI के खिलाफ उन्होंने शानदार शतक जड़कर टीम मैनेजमेंट को फॉर्म में होने का संदेश दे दिया है. राहुल के अलावा ऑलराउंडर खिलाड़ी रविंद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) ने भी 75 रनों का योगदान दिया. मंगलवार को पहले दिन का खेल खत्म होने तक 9 विकेट पर 306 रन बनाए.

स्टंप्स के समय जसप्रीत बुमराह (3) और मोहम्मद सिराज (1) रन बनाकर खेल रहे थे. राहुल 150 गेंद में 101 रन बनाकर रिटायर्ड आउट हुए. उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके और 1 छक्का लगाया. उन्होंने इस पारी से भारतीय टीम में मध्यक्रम में जगह बनाने का अपना दावा मजबूत किया. जडेजा ने 146 गेंद की पारी में 5 चौके और 1 छक्का लगाया.

इससे पहले नियमित कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) और टेस्ट टीम के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) मामूली रूप से चोटिल होने के कारण भारतीय टीम का हिस्सा नहीं बने, जबकि अनुभवी गेंदबाजों रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin), मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) और इशांत शर्मा (Ishant Sharma) को आराम दिया गया.

काउंटी एकादश टीम में भी चोट और कोविड-19 से जुड़े क्वॉरंटीन के कारण अपने खिलाड़ियों को गंवाने के बाद भारत के युवा खिलाड़ी आवेश खान (Aavesh Khan) और वॉशिंगटन सुंदर (Washington Sundar) इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) की इस टीम की ओर से अपने ही देश की टीम के खिलाफ उतरे.

https://twitter.com/BCCI/status/1417488037102096386?s=20

भारतीय टीम का नेतृत्व कर रहे रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने का फैसला किया लेकिन 10वें ओवर में वह कैच आउट हो गए. सलामी बल्लेबाजी के लिए उनके साथ क्रीज पर उतरे मयंक अग्रवाल ने इस दौरान कुछ आकर्षक चौके लगाए लेकिन वह भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे. मयंक ने 35 गेंद की पारी में 6 चौकों की मदद से 28 रन बनाए.

दिन के दूसरे सत्र में हालांकि भारतीय टीम को उस समय झटका लगा जब हनुमा विहारी के शॉट को रोकने की कोशिश में रिजर्व तेज गेंदबाज आवेश खान (Avesh Khan) अपना अंगूठा चोटिल कर बैठे. चोट की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आवेश इसके बाद दर्द से कराहते दिखे और भारतीय टीम के फिजियो के साथ मैदान से बाहर चले गए और फिर नहीं लौटे.

विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप में नाकामी के बाद निराशा झेल रहे पुजारा एक बार फिर नाकाम रहे और 47 गेंद में 21 रन बनाकर विकेटकीपर को कैच थमा बैठे. हनुमा विहारी ने 71 गेंद का सामना किया लेकिन वह भी 24 रन ही बना सके.

अनुभवहीन गेंदबाजों के सामने 107 रन पर चौथा विकेट गंवाने के बाद भारतीय टीम मुश्किल में थी लेकिन राहुल और जडेजा की साझेदारी ने टीम को संभाल लिया.

(इनपुट: भाषा)