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IND vs ENG: प्लेइंग XI से बाहर होकर मैं अच्छा 12वां खिलाड़ी रहा और मैंने टीम को पानी पिलाया

इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे मैच में 98 रन की बेहतरीन पारी खेलने वाले शिखर धवन ने अपनी वापसी पर कही यह बात...

user-circle cricketcountry.com Written by India.com Staff
Last Published on - March 23, 2021 11:07 PM IST

इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज से बाहर होने के बाद भारतीय टीम के ‘गब्बर’ शिखर धवन (Shikhar Dhawan) को एक बार फिर मौका मिलने का इंतजार था. वनडे सीरीज (IND vs ENG ODI Series) के पहले ही मैच में जैसे उन्हें मौका मिला उन्होंने खुद को साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. गब्बर ने मंगलवार को खेले गए पहले वनडे मैच में 98 रन की बेहतरीन पारी खेली. हालांकि वह अपने 18वें वनडे शतक से यहां चूक गए लेकिन उन्होंने कहा कि इसका मलाल नहीं है और उन्हें खुशी है कि वह टीम की जीत में अपनी भूमिका निभा पाए.

शिखर धवन ने यह पारी चुनौतीपूर्ण हालात में खेली थी. जिस वक्त वह पारी का आगाज करने उतरे थे, तब बॉल सीम और स्विंग दोनों हो रहा था और ऐसे हालात में बैटिंग करना आसान नहीं था. गब्बर ने यहां पूरे फोकस और धैर्य के साथ पारी को आगे बढ़ाया. जब एक बार वह सेट हो गए तो तेजी से रन बनाने में भी वह पीछे नहीं हटे. इस पारी के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया.

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मैच के बाद उन्होंने कहा, ‘इस प्रदर्शन के बाद बहुत खुश हूं. शतक चूकने मायने नहीं जरूरी है कि हमारी टीम जीत गई.’ इस दौरान धवन ने बताया कि जब वह टी20 सीरीज में पहले मैच के बाद प्लेइंग XI का हिस्सा नहीं थे तब वह जिम सेशन, दौड़ का सेशन और नेट प्रैक्टिस जमकर कर रहे थे. उन्होंने कहा कि इस मेहनत का नतीजा मिला.

पिच कंडिशंस पर बात करते हुए 35 वर्षीय धवन ने कहा, ‘हमें मालूम था कि बॉल स्विंग और सीम हो रहा है तो हम जानते थे कि विकेट पर समय बिताना होगा और शरीर के करीब से ही गेंद को खेलना होगा.’

अपने शतक से चूक जाने पर उन्होंने कहा कि मैं ऐसा व्यक्ति नहीं जो बहुत खुश होता हो या बहुत उदास. शतक बनाने की जल्दबाजी में मैं नहीं था. लेकिन दुर्भाग्य से वह गेंद सीधा हाथ में चली गई. लेकिन ठीक है ऐसा होता है.

इस मौके पर उन्होंने यह भी बताया कि जब वह प्लेइंग XI का हिस्सा नहीं थे तो तब उनके दिमाग में क्या चल रहा था. गब्बर ने कहा, ‘जब मैं नहीं खेल रहा था, तब मेरा ध्यान यहीं था कि मैं कैसे अपनी टीम के काम आ सकूं. मैं अच्छा 12वां खिलाड़ी रहा, टीम के इर्द-गिर्द ही रहा और पानी पिला रहा था. मेरे दिमाग में यह बिल्कुल साफ था कि जब मुझे मौका मिलेगा, तब मैं इसे लपक लूंगा.’