दुनिया के महान टेस्ट बल्लेबाज सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने राय दी है इंग्लैंड के खिलाफ आगामी 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में शुबमन गिल (Shubman Gill) की जगह मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal) को मौका मिलना चाहिए. गावस्कर ने कहा भारतीय टीम की ओपनिंग जोड़ी में रोहित शर्मा (Rohit Sharma) की जगह तो बिल्कुल तय है लेकिन उसे दूसरे छोर पर उनके साथ के लिए अब निश्चित रूप से तय कर लेना चाहिए कि क्या वह गिल को मौका देगा या फिर मयंक अग्रवाल को.

यह पूर्व दिग्गज बल्लेबाज शुबमन गिल के बैकफुट पर न खेलने से थोड़ा नाराज भी दिखे. उन्होंने कहा कि गिल का खेल अभी तक ऐसा है कि वह स्वभाविक रूप से फ्रंट फुट पर आते हैं. इसलिए बैकफुट पर खेली जा सकने वाली गेंदों को वह अक्रॉस द लाइन खेलने का प्रयास करते हैं. दूसरी ओर उन्होंने कहा कि मयंक अग्रवाल का भारतीय टीम के लिए शानदार बैटिंग रिकॉर्ड है. उन्होंने भारत के लिए ओपनिंग करते हुए दो दोहरे शतक भी बनाए हैं.

बता दें मयंक अग्रवाल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर दो टेस्ट मैचों में लगातार फ्लॉप हुए तो उन्हें भारतीय टीम से अपनी जगह गंवानी पड़ी. लेकिन गावस्कर मानते हैं कि इंग्लैंड सीरीज में उन्हें एक बार फिर टीम में अपनी वापसी का मौका मिल सकता है. 71 वर्षीय गावस्कर यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स तक से बात कर रहे थे.

इस दौरान उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 4 अगस्त से शुरू हो रही सीरीज को लेकर कहा, ‘मयंक अग्रवाल ने सही मायनों में भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है. ओपनिंग करते हुए उन्होंने भारत के लिए दो बार दोहरे शतक जड़े हैं. यह भी अच्छी बात है कि बीसीसीआई और जय शाह ने इस टेस्ट सीरीज से पहले इंग्लैंड से कुछ प्रैक्टिस मैच आयोजित करने को कहा है. यहां आप यह तय कर सकते हैं कि गिल और अग्रवाल से भारत के लिए कौन पारी की शुरुआत करेगा. इन अभ्यास मैचों में दोनों को एक साथ ओपन करने दीजिए, क्योंकि रोहित शर्मा का खेलना तो तय है और उन्हें एक प्रैक्टिस मैच में आराम भी दिया जा सकता है.’

गावस्कर ने आगे कहा, ‘इससे आपको यह आइडिया मिल जाएगा कि इंग्लिश परिस्थितियों में खेलने के लिए किसके पास बेहतर तकनीक है. और तब इसी आधार पर वह यह तय कर सकते हैं कि क्या वह मयंक अग्रवाल को खिलाना चाहते हैं या फिर शुबमन गिल को.’

इस मौके पर इस पूर्व कप्तान ने शुबमन गिल के फुटवर्क पर भी बात की. उन्होंने कहा, ‘उनका (गिल) फुटवर्क कुछ ज्यादा नहीं है. वह सिर्फ आगे आते हैं और यह उनके साथ सिर्फ इंग्लैंड में ही नहीं है बल्कि भारत में खेली गई सीरीज में भी था. उनके पास सिर्फ एक मूवमेंट है, जो कि आगे आना है. वह बैकफुट पर जाने का जरा भी प्रयास नहीं करते और इसलिए ही वह अक्रॉस द लाइन खेलते हैं.’