IND vs ENG: मोटेरा की पिच को Dilip Vengsarkar ने भी कहा ‘घटिया’
इंग्लैंड टीम @BCCITwitter

भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए पिंक बॉल टेस्ट (Pink Ball Test) के दो दिन में खत्म होने की बात ज्यादातर क्रिकेट एक्सपर्ट्स को रास नहीं आ रही है. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम (Narendra Modi Stadium) में खेले गए इस मैच डे-नाइट टेस्ट के लिए स्पिन बॉलिंग को मदद करने वाली पिच दी गई थी. इसके चलते यह मैच दो दिन से भी कम समय में खत्म हो गया. इसके बाद कई पूर्व क्रिकेटर इस पिच की जमकर आलोचना कर रहे हैं. इस कड़ी में भारत के पूर्व दिग्गज टेस्ट बल्लेबाज दिलीप वेंसरकर (Dilip Vengsarkar) भी शामिल हो गए हैं. वेंगसरकर ने मोटेरा की पिच को ‘घटिया’ करार दिया है.

दो दिन से भी कम समय में खत्म होने वाला यह टेस्ट मैच सिर्फ 842 गेंदों में ही खत्म हो गया. यह टेस्ट 1934-35 में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए टेस्ट मैच के बाद सबसे छोटा मैच है.

अंग्रेजी दैनिक ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ से बात करते हुए इस पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने कहा, ‘इसमें दोराय नहीं कि यह एक घटिया विकेट थी. इस प्रकार की पिचें टेस्ट मैच क्रिकेट के लिए दुष्प्रचार हैं. लोग पैसा देकर अच्छे स्तर की क्रिकेट देखने आते हैं.’

1970, 80 और 90 के शुरुआती दौर में खेलने वाले वेंगसरकर ने कहा, ‘दोनों ही टीमों के पास ऐसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं, जो आकर्षक खेल खेलते हैं. लेकिन जब आप यह देखते हैं जो रूट जैसा महान बल्लेबाज महान गेंदबाज बन गया है, तब तो इस विकेट में सचमुच कुछ खराब था.’ बता दें जो रूट ने भारत की पहली पारी में 8 रन देकर 5 विकेट अपने नाम किए. यह टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ बॉलिंग प्रदर्शन है.

हालांकि भारतीय टीम के पूर्व मुख्य चयनकर्ता रह चुके वेंगसरकर ने इंग्लैंड टीम की बल्लेबाजी की भी आलोचना की. उन्होंने कहा, ‘अंग्रेज बल्लेबाजों ने भी स्पिन के खिलाफ बल्लेबाजी का कौशल नहीं दिखाया. उनमें से ज्यादातर बल्लेबाज उन गेंदों पर आउट हुए, जो सीधी निकल रही थीं और टर्न नहीं हो रही थीं. उनकी रक्षात्मक तकनीक सामान्य से नीचे थी, सचमुच बहुत खराब. उनके पास कोई आइडिया नहीं था कि ऐसी पिचों पर कैसे खेला जाता है. उन्हें देखकर ऐसा लगा कि वे पिच पर गार्ड लेने से पहले ही मानसिक तौर पर खुद को आउट मान चुके थे.’