हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर नया कीर्तिमान रच कर भारत लौटे अंजिक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) की चेन्नई टेस्ट से पहले हर जुबान पर तारीफ थी. लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में रहाणे बुरी तरह फ्लॉप रहे और दोनों पारियों में वह सिर्फ 1 ही रन बना पाए. भारतीय टीम को उनकी बल्लेबाजी से काफी आस थी लेकिन रहाणे ने उसे निराश किया है. रहाणे के प्रदर्शन पर कई क्रिकेट पंडितों ने सवाल उठाए हैं. लेकिन कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) अपने इस उपकप्तान का समर्थन किया है और कहा कि वह हमारे लिए टेस्ट में चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) जितने ही उपयोगी हैं.

भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ 4 टेस्ट की सीरीज के पहले मैच में 227 रन की करारी हार का सामना करना पड़ा है. मैच के बाद भारतीय कप्तान ने मीडिया से बातचीत की. जब कोहली से रहाणे की फॉर्म पर सवाल किया गया तो उन्होंने इस खिलाड़ी पर अपना पूरा भरोसा जताते हुए अपना समर्थन दिया है. विराट ने रहाणे को अपनी टीम का ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ (छाप छोड़ने वाला खिलाड़ी) करार दिया है. उन्होंने कहा कि यह टेस्ट सीरीज जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी रहाणे हमारी टीम के लिए पुजारा (चेतेश्वर) जितने ही उपयोगी बने रहेंगे.

भारतीय कप्तान ने कहा, ‘मैंने पहले भी कई बार बताया है और फिर कहता हूं कि अजिंक्य रहाणे चेतेश्वर पुजारा जितने ही बेहद उपयोगी टेस्ट बल्लेबाज हैं. और वह आगे भी महत्वपूर्ण रहेंगे. हमें उनकी क्षमताओं पर पूरा भरोसा है, अब हम लंबे समय से उनकी क्षमताओं पर भरोसा करते आ रहे हैं. वह छाप छोड़ने वाले खिलाड़ी हैं.’

विराट ने रिपोर्टरों से बात करते हुए मेलबर्न टेस्ट में रहाणे के शतक को याद करते हुए कहा, ‘एमसीजी टेस्ट में वह खड़े थे और उन्होंने उस वक्त शतक जमाया था, जब टीम को इसकी बहुत दरकार थी और उसके बाद क्या हुआ, उस परिस्थिति की सचाई यह है कि हम ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीते.’

हालांकि चेन्नई टेस्ट में रहाणे बुरी तरह फ्लॉप साबित हुए. इस टेस्ट की पहली पारी में उन्हें कप्तान जो रूट ने शॉर्ट कवर पर बेहद उम्दा कैच के साथ पवेलियन भेजा और दूसरी पारी में उन्हें अनुभवी जेम्स एंडरसन ने उनकी पारी की तीसरी ही गेंद पर 0 पर बोल्ड कर दिया.

विराट ने कहा, ‘पहली पारी में जो रूट ने उनका शानदार कैच लपका था. अगर वहां चौका हुआ होता और उन्होंने रन बनाए होते तो हम इस पर चर्चा नहीं कर रहे होते. हालांकि ऐसा कुछ नहीं टीम में सभी बेहतर खेल रहे हैं. हमें बस अपनी योजनाओं को सही से लागू करने की जरूरत है. हमें परिस्थितियों को बेहतर समझना होगा, टेस्ट क्रिकेट में कुछ भी छोड़ा नहीं जाता और एक टीम के रूप में अच्छा खेलना होता है. यही हमारा फोकस है.’